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चुनाव

9 सितंबर को होगा उपराष्ट्रपति चुनाव, विपक्ष उतारेगा संयुक्त उम्मीदवार

द्वारा Bhupendra Singh Jatav 📅 01 Aug 2025 👁️ 128 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
9 सितंबर को होगा उपराष्ट्रपति चुनाव, विपक्ष उतारेगा संयुक्त उम्मीदवार

भारत के नए उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर 2025 को होगा। चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को अधिसूचना जारी करने की घोषणा की है। नामांकन 21 अगस्त तक भरे जा सकेंगे और 25 अगस्त नाम वापसी की आखिरी तारीख होगी। NDA के पास बहुमत होने के कारण उनके उम्मीदवार की जीत तय मानी जा रही है।

जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था, जिसे 22 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।

संभावित उम्मीदवार

भाजपा नेतृत्व वाले NDA की ओर से थावरचंद गहलोत (राज्यपाल, कर्नाटक), ओम माथुर (राज्यपाल, सिक्किम) और हरिवंश नारायण सिंह (राज्यसभा उपसभापति) के नाम चर्चा में हैं। दूसरी ओर, विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन भी एक संयुक्त उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है।

कैसे होता है उपराष्ट्रपति का चुनाव – 6 आसान स्टेप्स में

  1. निर्वाचक मंडल: लोकसभा व राज्यसभा के कुल 782 सांसद मतदान करते हैं। बहुमत के लिए 391 मतों की आवश्यकता होती है।

  2. अधिसूचना: 7 अगस्त को अधिसूचना जारी होगी।

  3. नामांकन: कम से कम 20 सांसदों का प्रस्ताव और 20 का समर्थन आवश्यक है।

  4. प्रचार सीमित: सिर्फ सांसद मतदाता होते हैं, प्रचार सीमित दायरे में होता है।

  5. मतदान प्रक्रिया: मतदाता प्राथमिकता के आधार पर वोट डालते हैं।

  6. रिजल्ट उसी दिन: वोटिंग और गिनती एक ही दिन होती है।

कौन बन सकता है उपराष्ट्रपति?

  • उम्र कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए।

  • राज्यसभा का सदस्य बनने की पात्रता होनी चाहिए।

  • लाभ के पद पर आसीन व्यक्ति अयोग्य माना जाएगा।

चुनाव में भले ही NDA को स्पष्ट बहुमत हासिल है, विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह मुकाबले से पीछे नहीं हटेगा।

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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Jatav

Bhupendra Singh Jatav is a dedicated journalist associated with Mission Ki Awaaz. With a strong passion for grassroots reporting, he focuses on stories that highlight the realities of marginalized communities, socio-political issues, and regional developments often overlooked by mainstream media.

His commitment to ethical journalism and fearless storytelling has made him a trusted voice among readers seeking truth beyond the headlines. At Mission Ki Awaaz, Bhupendracontinues to uphold the values of independent, impact-driven journalism.

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