अमेरिका ने प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज किया, 5.5 करोड़ से ज्यादा वीजा रिकॉर्ड की जांच शुरू

अमेरिका ने प्रवासियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, 5.5 करोड़ वीजा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। उल्लंघन पाए जाने पर वीजा रद्द और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। जानें ट्रंप प्रशासन की नई नीति और इसकी प्रभावशीलता के बारे में।

Aug 22, 2025 - 04:00
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अमेरिका ने प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज किया, 5.5 करोड़ से ज्यादा वीजा रिकॉर्ड की जांच शुरू
Donald Trump

अमेरिका ने अपने इमीग्रेशन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा की कि वह 5.5 करोड़ से ज्यादा विदेशियों के वैध वीजा रिकॉर्ड की समीक्षा करेगा। इस विस्तृत जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या इन प्रवासियों ने अमेरिका के इमीग्रेशन नियमों का उल्लंघन किया है। अगर कोई उल्लंघन पाया गया, तो वीजा रद्द कर दिया जाएगा और संबंधित व्यक्ति को डिपोर्ट किया जा सकता है।

वीजा नियमों का उल्लंघन: वीजा रद्द करने की प्रक्रिया

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया एक ‘निरंतर जांच’ के रूप में लागू की जाएगी। अगर जांच में यह पाया जाता है कि कोई वीजा धारक नियमों का पालन नहीं कर रहा, तो उसके वीजा को तुरंत रद्द किया जा सकता है। उल्लंघन की कई श्रेणियाँ हैं, जिनमें वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकना, आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होना, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पैदा करना, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होना या आतंकी संगठनों को समर्थन देना शामिल है।

एक मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "हम किसी भी प्रकार की अयोग्यता के संकेत पर वीजा रद्द करते हैं," जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन प्रवासियों के खिलाफ अपने रुख को और अधिक सख्त बना रहा है।

सोशल मीडिया पर भी होगी जांच

ट्रंप प्रशासन के तहत अब वीजा आवेदकों के सोशल मीडिया पोस्ट की भी समीक्षा की जाएगी। अमेरिकी नागरिकता और इमीग्रेशन सर्विस (USCIS) ने इस बात की पुष्टि की है कि आवेदकों के सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी "अमेरिका विरोधी विचारधारा" को बढ़ावा नहीं दे रहा है। USCIS के प्रवक्ता मैथ्यू ट्रैगेसर ने कहा, "अमेरिका के लाभ उन लोगों को नहीं मिलने चाहिए जो इस देश से नफरत करते हैं या अमेरिका विरोधी विचारधारा को बढ़ावा देते हैं।"

गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन की बढ़ती संख्या

इस योजना के तहत, अमेरिका में रोजाना हजारों प्रवासियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, 2025 तक अमेरिकी सरकार 4 लाख लोगों को डिपोर्ट करने की योजना पर है। विशेषकर रेस्तरां, निर्माण स्थलों और खेतों में कड़ी छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं, जो इस नीति के खिलाफ आक्रोश का संकेत हैं।

स्टूडेंट वीजा रद्द: 6,000 से अधिक मामले

2025 के शुरुआत में ही ट्रंप प्रशासन ने बताया कि उसने 6,000 से अधिक स्टूडेंट वीजा रद्द किए हैं। इनमें से अधिकांश वीजा उल्लंघन के कारण रद्द किए गए थे, जिनमें वीजा अवधि से ज्यादा समय तक रुकना, छोटे-मोटे अपराध (जैसे नशे में गाड़ी चलाना या मारपीट) शामिल थे। इसके अलावा, कुछ वीजा आतंकवादी गतिविधियों या आतंकवादी संगठनों से संबंध के कारण रद्द किए गए। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच पहले से कहीं अधिक कठोर हो गई है।

नए वीजा जांच प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार अनिवार्य

ट्रंप प्रशासन ने अपनी नई इमीग्रेशन नीति के तहत, लगभग सभी वीजा आवेदकों के लिए व्यक्तिगत साक्षात्कार अनिवार्य कर दिए हैं। इसके साथ ही, जांच प्रक्रिया में कई नई परतें जोड़ी गई हैं, जिससे यह साफ़ है कि सरकार अब वीजा आवेदकों के खिलाफ सख्ती बरतने के लिए तैयार है।

 प्रवासी नीति पर उठते सवाल

अमेरिका में प्रवासी नीति को लेकर गहरी बहस चल रही है। जहां कुछ लोग इसे सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए जरूरी मानते हैं, वहीं अन्य इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन और प्रवासियों के खिलाफ भेदभाव मानते हैं। इस बीच, अमेरिका में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए यह घोषणा एक नई चिंता का विषय बन गई है।

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Jitendra Meena Jitendra Meena is a senior journalist and writer, he is also the Editor of Mission Ki Awaaz, Jitendra Meena was born on 07 August 1999 in village Gurdeh, located near tehsil Mandrayal of Karauli district of Rajasthan ( India ). Contact Email : Jitendra@MissionKiAwaaz.in