करौली जिला स्तरीय जनसुनवाई: संपर्क पोर्टल पर लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों को 'कारण बताओ' नोटिस, कलेक्टर सख्त
करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने जनसुनवाई में लापरवाही बरतने पर सपोटरा के CBEO और BDO को कारण बताओ नोटिस जारी किया। संपर्क पोर्टल के मामलों को 7 दिन में निपटाने के निर्देश।
करौली: राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित और संवेदनशील समाधान के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में करौली कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में त्रि-स्तरीय व्यवस्था के तहत जिला स्तरीय जनसुनवाई और सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई।
इस जनसुनवाई के दौरान राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज मामलों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया और दो बड़े अधिकारियों को 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी कर दिया।
लापरवाही पर गिरेगी गाज: इन अधिकारियों को मिला नोटिस
जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने संपर्क पोर्टल पर प्राप्त परिवादों का समय पर निस्तारण नहीं करने और काम में ढिलाई बरतने पर सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने निम्नलिखित अधिकारियों को नोटिस थमाया है:
-
लखन लाल मीना (मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी - CBEO, सपोटरा)
-
बृजलाल बैरवा (विकास अधिकारी - BDO, सपोटरा)
कलेक्टर के कड़े निर्देश: 7 दिन में निपटाएं पुराने मामले
जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारियों को हिदायत देते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना जाए। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
-
समय सीमा तय: राजस्थान संपर्क पोर्टल पर 90 से 180 दिनों से लंबित मामले, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), संभागीय कार्यालय और मानवाधिकार आयोग से प्राप्त प्रकरणों का हर हाल में 7 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए।
-
संतुष्टि का स्तर सुधारें: अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई न करें, बल्कि परिवादियों के संतुष्टि स्तर (Satisfaction Level) को सुधारने पर ध्यान दें।
-
इन विभागों को विशेष हिदायत: जेवीवीएनएल (बिजली विभाग), पीएचईडी (पानी विभाग), डीएसओ (रसद विभाग) और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को मामलों का निपटारा करने में लगने वाले औसत समय को कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनसुनवाई में पहुंचे 60 मामले, मौके पर मिली राहत
इस जिला स्तरीय जनसुनवाई में अलग-अलग विभागों से जुड़े कुल 60 परिवाद (शिकायतें) प्राप्त हुए। इनमें अतिक्रमण हटाने, खाद्य सुरक्षा (NFSA) सूची में नाम जोड़ने, फार्म पॉण्ड अनुदान, पुलिया और सड़क चौड़ीकरण, पेयजल आपूर्ति और पुलिस से जुड़े मामले शामिल थे। कलेक्टर गोदारा ने पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल की मौजूदगी में कई मामलों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को मौके पर ही राहत दिलाई।
इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमराज परिड़वाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखन सिंह सहित जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी जुड़े रहे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (करौली), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। यद्यपि समाचार की सत्यता सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया गया है, फिर भी पाठकों या संबंधित पक्षों को आधिकारिक सूचनाओं और विभागीय निर्णयों की पुष्टि के लिए संबंधित प्रशासनिक पोर्टल की सहायता लेने की सलाह दी जाती है।
ताजा खबरों के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें: