शिवहर में तनाव: बाबा साहब की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ पर भड़का आक्रोश, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज
Sheohar News: बिहार के शिवहर में बाबा साहब आंबेडकर की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ के बाद तनाव। भीम आर्मी ने की दोषियों की गिरफ्तारी की मांग। पुलिस ने जांच शुरू की।
बिहार के शिवहर जिले के डुमरी कटसरी प्रखंड स्थित पहाड़पुर गांव में उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब असामाजिक तत्वों द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आया। इस कृत्य के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा जा रहा है।
भीम आर्मी ने जताया कड़ा विरोध
घटना की सूचना मिलते ही भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष बागी कौशल कुमार प्रियदर्शी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने इस घटना को समाज की भावनाओं पर गहरा आघात बताया।
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प्रशासन को अल्टीमेटम: जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि इस अपमानजनक कृत्य में शामिल दोषियों की अविलंब पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
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पदाधिकारियों की मौजूदगी: जिला सचिव राकेश बैठा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर घटना की निंदा की और सामाजिक एकजुटता बनाए रखने की अपील की।
पुलिस की कार्रवाई और आश्वासन
मामले की गंभीरता और बढ़ते तनाव को देखते हुए श्यामपुर भटहा थाना प्रभारी सुनील कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत पहाड़पुर पहुंचे।
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स्थिति नियंत्रण में: पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों से संवाद किया और उन्हें दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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जांच जारी: थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश
स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि यह घटना क्षेत्र की शांति और भाईचारे को खंडित करने का एक प्रयास है। मीडिया प्रभारी श्रीकांत और जिला उपाध्यक्ष शेखर पासवान सहित बड़ी संख्या में लोगों ने इस घटना के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
निष्कर्ष
महापुरुषों की प्रतिमाओं का सम्मान हमारे लोकतंत्र और सामाजिक ताने-बाने का हिस्सा है। शिवहर की इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। अब सबकी नजरें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कितनी जल्दी दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट स्थानीय समाचारों और प्राप्त विवरणों पर आधारित है। लेख का उद्देश्य सूचना प्रदान करना है और यह किसी भी प्रकार की हिंसा या उन्माद का समर्थन नहीं करता है। प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही तथ्यों में बदलाव संभव है।
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