नीति आयोग की रिपोर्ट: शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान के नवाचारों को मिली राष्ट्रीय पहचान, ‘गुड स्टेट प्रैक्टिसेज’ में शामिल
नीति आयोग की रिपोर्ट में राजस्थान के शिक्षा नवाचारों की धूम। 'शाला स्वास्थ्य अभियान' और एआई आधारित मूल्यांकन प्रणाली को मिली राष्ट्रीय पहचान। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
जयपुर। राजस्थान में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मान्यता मिली है। नीति आयोग ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया-टेम्पोरल एनालिसिस एण्ड पॉलिसी रोडमैप फॉर क्वालिटी इन्हेंसमेंट’ में राजस्थान द्वारा अपनाए गए शिक्षा नवाचारों को ‘गुड स्टेट प्रैक्टिसेज’ (Good State Practices) के रूप में सराहा है।
स्वास्थ्य और पोषण में राजस्थान का मॉडल
नीति आयोग ने रिपोर्ट में विशेष रूप से राजस्थान के ‘शाला स्वास्थ्य परीक्षण अभियान’ की प्रशंसा की है। इस तकनीक-आधारित मॉडल के माध्यम से राज्य के 75 लाख से अधिक विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की गई है।
अभियान की मुख्य विशेषताएं:
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70 से अधिक स्वास्थ्य मानक: विद्यार्थियों की दृष्टि, श्रवण क्षमता, दंत स्वास्थ्य और शारीरिक फिटनेस जैसे मानकों की जांच की गई।
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डिजिटल फॉलो-अप: स्वास्थ्य निगरानी के लिए मोबाइल ऐप-आधारित सिस्टम विकसित किया गया, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है।
एआई आधारित मूल्यांकन से सुधरे परिणाम
रिपोर्ट में ‘मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान’ के तहत उपयोग की जा रही ओसीआर (OCR) तकनीक और एआई (AI) आधारित मूल्यांकन प्रणाली को शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला बताया गया है।
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लर्निंग पॉवर्टी पर प्रहार: इस प्रणाली की मदद से 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को ‘लर्निंग पॉवर्टी’ से बाहर निकालने में सफलता मिली है।
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वार्षिक सुधार: विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में प्रतिवर्ष 8-10 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया है।
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राजस्थान परख रिपोर्ट 2024: राज्य ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष 10 राज्यों में अपनी जगह बनाई है।
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गणित में विशेष सुधार: टोंक जिले में संचालित ‘पढ़ाई विद एआई’ (Padhai with AI) कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया है, जिसने गणित और अन्य विषयों में विद्यार्थियों के परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नवाचारों की उत्कृष्ट पाठशाला बनता राजस्थान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान शिक्षा, स्वास्थ्य और आधुनिक तकनीक के समन्वित उपयोग के माध्यम से देशभर में एक ‘उत्कृष्ट पाठशाला’ के रूप में उभर रहा है। नीति आयोग द्वारा राजस्थान के इन नवाचारों को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया जाना प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की सफलता का प्रमाण है। यह रिपोर्ट दर्शाती है कि कैसे तकनीक और सही दिशा में किए गए नीतिगत प्रयास भविष्य की पीढ़ी के लिए आधार तैयार कर सकते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया’ के तथ्यों और सरकारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। नवाचारों और संबंधित योजनाओं के बारे में सटीक जानकारी के लिए शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
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