राजस्थान में 25 मई से शुरू होगा 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान', करौली में कलेक्टर ने कसी कमर

राजस्थान में 25 मई से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' शुरू हो रहा है। करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।

May 22, 2026 - 02:50
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राजस्थान में 25 मई से शुरू होगा 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान', करौली में कलेक्टर ने कसी कमर

करौली: राजस्थान में लगातार गिरते भू-जल स्तर को सुधारने और पानी की हर बूंद को सहेजने के लिए भजनलाल सरकार एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करने जा रही है। आगामी 25 मई (गंगा दशमी) से प्रदेशभर में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' का शिलान्यास होने जा रहा है। राज्य स्तर पर इस महा-अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जयपुर से करेंगे, वहीं करौली जिले में जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म इस अभियान का आगाज करेंगे। पर्यावरण संरक्षण को समर्पित यह विशेष अभियान 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक पूरे प्रदेश में मिशन मोड पर चलाया जाएगा।

इस बड़े अभियान की सफलता और जमीनी स्तर पर इसकी प्रभावी क्रियान्विति को लेकर करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

अभियान को 'जन-आंदोलन' बनाने का आह्वान

बैठक के दौरान जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी तालमेल (समन्वय) के साथ काम करने के कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी औपचारिकता बनकर न रहे, बल्कि इसे ग्रामीण और शहरी स्तर पर आमजन की भागीदारी से एक जन-आंदोलन का रूप दिया जाए। हर ग्राम पंचायत और शहरी निकाय में इसकी दैनिक प्रगति को सीधे पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

प्रभात फेरी से लेकर 'जल गौरव सम्मान' तक: ये होंगी मुख्य गतिविधियाँ

यह 11 दिवसीय अभियान पूरी तरह से जल और पर्यावरण को समर्पित होगा, जिसके तहत निम्नलिखित प्रमुख कार्य किए जाएंगे:

  • श्रमदान और स्वच्छता: नदी, नहरों, कुओं, प्राचीन तालाबों, बावड़ियों और जोहड़ों की साफ-सफाई की जाएगी। गौशाला, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलेगा।

  • सांस्कृतिक व धार्मिक जुड़ाव: अभियान के पहले दिन जल स्रोतों की पूजा, वंदे गंगा कलश यात्रा, प्रभात फेरियां और पीपल पूजन जैसे पारंपरिक कार्यक्रम होंगे। शाम को जल स्रोतों पर दीप प्रज्ज्वलन (दीपदान) किया जाएगा।

  • विशेष ग्राम सभाएं (26 मई): अभियान के दूसरे दिन प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं बुलाई जाएंगी, जहां जल संरक्षण के नए कार्यों को मंजूरी दी जाएगी और ग्रामीणों को पानी बचाने का संकल्प दिलाया जाएगा।

  • सेना और पुलिस का श्रमदान (31 मई): ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान जल स्रोतों के पुनरुद्धार के लिए विशेष श्रमदान करेंगे। साथ ही बेजुबान पक्षियों के लिए परिंडे बांधे जाएंगे।

  • किसानों को सौगात: कृषि और उद्यान विभाग द्वारा स्प्रिंकलर, ड्रिप इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) और फार्म पॉण्ड (खेत तलाई) की नई स्वीकृतियां तुरंत जारी की जाएंगी।

  • उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान: 5 जून को जिला स्तर पर समापन समारोह होगा, जिसमें जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले नागरिकों और संस्थाओं को 'जल गौरव सम्मान' से नवाजा जाएगा।

इस बैठक में पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमराज परिड़वाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी व अभियान के नोडल अधिकारी लखन सिंह सहित जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भी शामिल हुए।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह लेख सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय (करौली), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। यद्यपि समाचार की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया गया है, फिर भी पाठकों और स्वयंसेवी संस्थाओं को अभियान की विस्तृत रूपरेखा, तिथियों और सरकारी गाइडलाइंस के लिए आधिकारिक प्रशासनिक हैंडल्स या विभागीय पोर्टल की जांच करने की सलाह दी जाती है।

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