राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर: करौली के आंगनवाड़ी केंद्रों में 22 मई से बच्चों की छुट्टियां घोषित, कलेक्टर का सख्त आदेश
भीषण गर्मी और हीट वेव के चलते करौली के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में 22 मई से 5 जून तक बच्चों का अवकाश घोषित। कलेक्टर अक्षय गोदारा ने जारी किए सख्त आदेश।
करौली: राजस्थान में सूरज के तीखे तेवरों और लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा आगामी दिनों में भीषण गर्मी और जानलेवा लू (हीट वेव) के पूर्वानुमान को देखते हुए करौली जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिला कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अक्षय गोदारा ने जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए 15 दिनों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है।
यह आदेश 22 मई 2026 से प्रभावी होकर 5 जून 2026 तक लागू रहेगा। कलेक्टर ने यह कदम आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए उठाया है।
केवल 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए राहत, स्टाफ रहेगा मुस्तैद
प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार, यह छुट्टियां केवल 3 से 6 वर्ष तक के छोटे बच्चों के लिए ही मान्य होंगी। आंगनवाड़ी केंद्रों का स्टाफ यानी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं रोज की तरह केंद्र पर उपस्थित रहकर अपने प्रशासनिक व अन्य विभागीय कार्यों को यथावत करती रहेंगी।
बंद नहीं होगा पोषाहार: घर-घर पहुंचेगा राशन (THR)
छुट्टियों के दौरान बच्चों की सेहत और पोषण का पूरा ख्याल रखा जाएगा। आदेश के मुताबिक, इस 15 दिवसीय अवकाश की अवधि में बच्चों को केंद्र पर मिलने वाला 'गर्म पका भोजन' (Hot Cooked Meal) और सुबह का नाश्ता नहीं दिया जाएगा। इसके बदले, बच्चों को टेक होम राशन (THR) के रूप में सामग्री उनके घर पर ही वितरित की जाएगी ताकि उनका पोषण चक्र प्रभावित न हो।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
कलेक्टर अक्षय गोदारा ने आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी क्षेत्र में इस सरकारी आदेश की अवहेलना पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के कड़े प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्णय समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS), करौली के उपनिदेशक के प्रस्ताव और स्थानीय भीषण मौसमी परिस्थितियों का बारीकी से आकलन करने के बाद लिया गया है, ताकि मासूम बच्चों को लू की चपेट में आने से बचाया जा सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय (करौली), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। यद्यपि समाचार की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया गया है, फिर भी अभिभावकों और संबंधित कार्मिकों को नवीनतम विभागीय आदेशों और राशन वितरण के समय की पुष्टि के लिए अपने स्थानीय महिला एवं बाल विकास विभाग या आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
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