राजस्थान को वैश्विक पहचान: तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के लिए WHO ने दिया प्रथम पुरस्कार

राजस्थान को मिला WHO का प्रतिष्ठित 'वर्ल्ड नो टोबैको डे अवॉर्ड'। तम्बाकू नियंत्रण में दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रथम स्थान हासिल कर राजस्थान ने वैश्विक स्तर पर बढ़ाया मान।

May 20, 2026 - 00:27
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राजस्थान को वैश्विक पहचान: तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के लिए WHO ने दिया प्रथम पुरस्कार
Rajasthan Health Department

जयपुर: राजस्थान ने जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा वर्ष 2026 के 'वर्ल्ड नो टोबैको डे अवॉर्ड' के लिए राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का चयन किया गया है। दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में तम्बाकू नियंत्रण की दिशा में किए गए उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्यों के लिए राजस्थान को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

'तम्बाकू मुक्त राजस्थान' के संकल्प की जीत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस सम्मान पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और प्रभावी नीतियों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा, "यह सम्मान चिकित्सा विभाग, जिला प्रशासन, चिकित्सा कर्मियों और उन सभी सामाजिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों का फल है, जिन्होंने 'तम्बाकू मुक्त राजस्थान' के संकल्प को धरातल पर उतारा है।"

राजस्थान: देश के लिए तम्बाकू नियंत्रण का मॉडल

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि आज राजस्थान ने तम्बाकू नियंत्रण में देश भर में एक 'मॉडल स्टेट' के रूप में अपनी पहचान बनाई है। राज्य में न केवल उपचार सुविधाओं का विस्तार किया गया है, बल्कि परामर्श सेवाओं के माध्यम से लाखों लोगों को तम्बाकू की लत से बाहर निकालने में सफलता मिली है।

राजस्थान की सफलता के प्रमुख स्तंभ:

  • व्यापक नेटवर्क: राज्य के ब्लॉक स्तर तक 500 से अधिक 'तम्बाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केंद्र' संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों को डिजिटल प्लेटफार्म पर जियो-टैग किया गया है, ताकि आमजन आसानी से अपने नजदीकी केंद्र तक पहुँच सकें।

  • सक्रिय प्रवर्तन: 'सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम-2003' और 'इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम-2019' का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया गया है।

  • व्यापक जन-जागरूकता: राज्य के 83 हजार से अधिक विद्यालयों को 'तम्बाकू मुक्त' बनाया गया है। इसके साथ ही, लगभग 2.55 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियां, जैसे नुक्कड़ नाटक, रैलियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

  • डिजिटल क्रांति: सोशल मीडिया के माध्यम से तम्बाकू निषेध से संबंधित 60 हजार से अधिक संदेशों का प्रसार कर युवाओं को जागरूक किया गया है।

  • सामुदायिक भागीदारी: 'तम्बाकू मुक्त ग्राम अभियान' को आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में जन-भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

वैश्विक स्तर पर मिली सर्वोच्च रैंकिंग

WHO विश्वभर के देशों को 6 प्रमुख क्षेत्रों (रीजन्स) में विभाजित कर यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान करता है। राजस्थान का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में प्रथम स्थान पर रहा है, जो राज्य की प्रभावी कार्यप्रणाली और निरंतर प्रयासों को दर्शाता है। यह सम्मान भविष्य में राज्य सरकार को और भी अधिक प्रभावी कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार लेख आधिकारिक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की घोषणाओं के आधार पर तैयार किया गया है। यह जनहित और सूचना के उद्देश्य से है।

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