भारतीय सर्राफा बाजार अपडेट: 18 मई 2026 को चांदी की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव; प्रमुख महानगरों में प्रति किलोग्राम के आधार पर 1 ग्राम और 10 ग्राम के सटीक दाम, जानें क्या है बाजार का रुख
18 मई 2026 को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी का ताजा भाव। 1 किलोग्राम के आधिकारिक रेट के आधार पर जानें 1 ग्राम और 10 ग्राम चांदी की बिल्कुल सही और सटीक कीमत।
वैश्विक औद्योगिक रुख और घरेलू सर्राफा बाजारों में सामान्य मांग के बीच आज भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों में थोड़ी नरमी के साथ स्थिरता देखी जा रही है। सोमवार, 18 मई 2026 को देश के अधिकांश प्रमुख शहरों में चांदी का भाव ₹2,85,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
यदि प्रति किलोग्राम की इस कीमत के आधार पर सटीक गणितीय गणना की जाए, तो भारतीय बाजार में आज 1 ग्राम चांदी का भाव ₹285 और 10 ग्राम चांदी की कीमत ₹2,850 के स्तर पर बनी हुई है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संकेतों के चलते घरेलू बाजार में खरीदार इस समय फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
देश के प्रमुख शहरों में आज का सटीक सिल्वर रेट (1 किलो के भाव पर प्रामाणिक गणना)
भारत के विभिन्न राज्यों और शहरों में स्थानीय परिवहन व्यय, नगर निगम टैक्स और क्षेत्रीय सर्राफा एसोसिएशनों के प्रीमियम के कारण खुदरा कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। नीचे दी गई तालिका में 1 किलोग्राम के आधिकारिक भाव के आधार पर 1 ग्राम और 10 ग्राम की सटीक दरें दी गई हैं:
| शहर का नाम | प्रति 1 ग्राम का भाव (₹) | प्रति 10 ग्राम का भाव (₹) | प्रति 1 किलोग्राम का भाव (₹) |
| मुंबई | ₹285 | ₹2,850 | ₹2,85,000 |
| दिल्ली | ₹285 | ₹2,850 | ₹2,85,000 |
| कोलकाता | ₹285 | ₹2,850 | ₹2,85,000 |
| बेंगलुरु | ₹285 | ₹2,850 | ₹2,85,000 |
| पुणे | ₹285 | ₹2,850 | ₹2,85,000 |
| हैदराबाद | ₹286 | ₹2,860 | ₹2,86,000 |
| वडोदरा | ₹286 | ₹2,860 | ₹2,86,000 |
| अहमदाबाद | ₹287 | ₹2,870 | ₹2,87,000 |
| चेन्नई | ₹292 | ₹2,920 | ₹2,92,000 |
ध्यान दें: उपर्युक्त कीमतों में सर्राफा बाजार के थोक और खुदरा भावों का संकलन है। इसमें स्थानीय आभूषण विक्रेताओं द्वारा लिया जाने वाला मेकिंग चार्ज (गढ़ाई शुल्क) और 3% वस्तु एवं सेवा कर (GST) शामिल नहीं है, जिसके कारण आभूषण खरीदते समय अंतिम बिल की राशि में बदलाव हो सकता है।
सिल्वर मार्केट एनालिसिस: किन कारणों से बदलती है चांदी की चाल?
कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी की चाल काफी हद तक उसके दोहरे स्वभाव पर निर्भर करती है, क्योंकि यह एक मूल्यवान आभूषण धातु होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक कमोडिटी भी है:
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अंतरराष्ट्रीय और औद्योगिक मांग: वैश्विक बाजारों (जैसे London Silver Fix) के रुझान का चांदी पर सीधा असर पड़ता है। वर्तमान में सौर ऊर्जा (सोलर पैनल), इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के कंपोनेंट्स और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा, वैश्विक डॉलर सूचकांक की मजबूती और गोल्ड-सिल्वर रेशियो (सोने और चांदी का अनुपात) भी इसकी कीमतों को प्रभावित करता है।
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घरेलू आयात और नीतियां: भारत अपनी चांदी की कुल आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में सरकार द्वारा निर्धारित आयात शुल्क (कस्टम ड्यूटी) और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर स्थानीय सर्राफा बाजार के भाव तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है।
निवेशकों के लिए दृष्टि: सोने की तुलना में चांदी में उतार-चढ़ाव (Volatility) बहुत अधिक और तीव्र होता है। अल्पकालिक (Short-term) निवेशकों के लिए यह बाजार थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन दीर्घकालिक (Long-term) पोर्टफोलियो के लिए अपनी बढ़ती औद्योगिक उपयोगिता के कारण चांदी को एक ठोस और आकर्षक विकल्प माना जाता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह व्यावसायिक समाचार रिपोर्ट केवल सामान्य जानकारी और जन-जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है। इस लेख में दिए गए आंकड़े गुडरिटर्न्स, बैंकबाजार और देश के प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंजों के मार्केट ट्रेंड्स पर आधारित हैं। चांदी का बाजार अत्यधिक उतार-चढ़ाव के अधीन है। इसलिए, किसी भी प्रकार की भौतिक खरीद, बिक्री या कमोडिटी वायदा में निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने नजदीकी प्रमाणित सर्राफा व्यापारी, बीआईएस हॉलमार्क केंद्र या सेबी-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से लाइव मार्केट दरों की पुष्टि अवश्य कर लें। हम किसी भी वित्तीय लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेते हैं।
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