राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले: नई औद्योगिक नीति को मंजूरी, पेंशनर्स को मोबाइल एप की सुविधा और बिजली-पानी पर सख्त मॉनिटरिंग
राजस्थान कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय: नई औद्योगिक नीति को मंजूरी, पेंशनर्स के लिए मोबाइल एप सुविधा, और पानी-बिजली आपूर्ति की मॉनिटरिंग। पढ़ें राजस्थान सरकार के फैसलों की पूरी रिपोर्ट।
जयपुर, राजस्थान:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक में राजस्थान के भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए कई दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश को 'विकसित राजस्थान @ 2047' के विजन के अनुरूप तैयार करने के लिए नई 'राजस्थान औद्योगिक विकास नीति' को मंजूरी दी गई है, साथ ही आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पेंशन और बुनियादी सेवाओं में बड़े सुधारों का ऐलान किया गया है।
राजस्थान औद्योगिक विकास नीति: 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
राज्य सरकार ने प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक हब बनाने के लिए नई औद्योगिक नीति को अनुमोदित किया है।
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लक्ष्य: इस नीति का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2028-29 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।
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रणनीतिक स्तंभ: यह नीति 4जी (ग्रीन, गवर्नेंस, ग्रोथ और ग्लोबलाइजेशन) पर आधारित है।
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प्रमुख क्षेत्र: इसमें सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) और सर्कुलर इकोनॉमी को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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निवेश: जैसलमेर में डालमिया सीमेंट और जे.के. सीमेंट लिमिटेड की परियोजनाओं को भूमि आवंटन की स्वीकृति दी गई है, जिससे हजारों करोड़ का निवेश और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होगा।
पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत: अब मोबाइल एप से जीवन प्रमाण पत्र
मंत्रिमंडल ने 'राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996' में संशोधन को मंजूरी दी है, जिससे लाखों पेंशनर्स को बड़ी राहत मिलेगी:
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फेस ऑथेंटिकेशन: पेंशनर्स अब मोबाइल एप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी से घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे।
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सरलीकरण: विशेष योग्यजन बच्चों को स्थाई विकलांगता का प्रमाण पत्र अब बार-बार प्रस्तुत नहीं करना होगा। साथ ही, पारिवारिक पेंशन के प्रमाणीकरण के लिए अब दो के स्थान पर केवल एक राजपत्रित अधिकारी का हस्ताक्षर पर्याप्त होगा।
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अराजपत्रित कार्मिक: अब अराजपत्रित कर्मचारी भी एसएसओ आईडी (SSO ID) के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे।
‘वंदे गंगा जल संरक्षण’ और ‘जल गौरव सम्मान’
प्रदेश में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के लिए 25 मई (गंगा दशमी) से 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक 'वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान' चलाया जाएगा।
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कार्यक्रम: इसमें नहरों की सफाई, श्रमदान और जल चौपालों का आयोजन होगा।
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सम्मान: जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ‘जल योद्धाओं’, संस्थाओं और निकायों को ‘जल गौरव सम्मान’ से नवाजा जाएगा।
पानी-बिजली की सुचारू आपूर्ति पर जोर
भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार ने पानी और बिजली की मांग पर पैनी नजर रखी है।
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आपूर्ति: बैठक में बताया गया कि बिजली की मांग की तुलना में उपलब्धता अधिक है।
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मॉनिटरिंग: सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने जिलों में नियमित समीक्षा करने और हेल्पलाइन नंबर 181 पर आने वाली शिकायतों का 24 घंटे में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान
प्रदेश के 457 पंचायत समितियों और नगरीय निकायों के डेटा के आधार पर तैयार 'ड्राफ्ट मास्टर प्लान' के अनुमोदन के लिए आगामी 26 मई को प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार लेख राज्य सरकार की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और कैबिनेट ब्रीफिंग पर आधारित है। नीतिगत निर्णयों की विस्तृत जानकारी और आधिकारिक अधिसूचनाओं के लिए संबंधित विभाग की वेबसाइटों या राजस्थान सरकार के जनसंपर्क विभाग (DIPR) के पोर्टल को देखें।
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