चम्बल अभयारण्य में बजरी माफिया पर पुलिस का 'जीरो टॉलरेंस' प्रहार: धौलपुर-करौली में 392 मुकदमे दर्ज
राजस्थान पुलिस का चम्बल बजरी माफिया पर बड़ा एक्शन। धौलपुर-करौली में 392 मुकदमे दर्ज। संगठित अपराध और संपत्ति कुर्की के तहत कार्रवाई। जानें पूरी रिपोर्ट।
जयपुर, राजस्थान:
राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य की पारिस्थितिकी और पर्यावरण को बचाने के लिए राजस्थान पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के विरुद्ध एक निर्णायक अभियान छेड़ दिया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, वर्ष 2025 की शुरुआत से ही 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसे हाल ही में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद और अधिक व्यापक बनाया गया है।
अभियान की मुख्य उपलब्धियाँ (जनवरी 2025 - अप्रैल 2026)
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) वी.के. सिंह ने जानकारी दी कि धौलपुर और करौली जिलों में समन्वित कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड 392 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन मुकदमों की त्वरित तफ्तीश का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 342 मामलों में पुलिस पहले ही अदालतों में आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर चुकी है।
पुलिस की नई रणनीति:
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मालिकों पर प्रहार: केवल ट्रैक्टर चालकों को नहीं, बल्कि वाहनों के वास्तविक पंजीकृत मालिकों को भी सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया जा रहा है। अब तक 195 मामलों में चालकों के साथ वाहन मालिकों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया है।
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आदतन अपराधियों पर नकेल: पिछले डेढ़ वर्षों में गिरफ्तार अपराधियों में 70 ऐसे 'रिपीट ऑफेंडर्स' हैं, जो बार-बार इसी अवैध धंधे में संलिप्त पाए गए।
धौलपुर पुलिस: सख्त कानूनी प्रहार
धौलपुर एसपी विकास सांगवान के नेतृत्व में जिले ने विशेष सफलता हासिल की है:
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रिकॉर्ड मुकदमे: वर्ष 2025 से अब तक 353 मुकदमे दर्ज किए गए और 306 मामलों में चालान पेश किए गए।
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आर्थिक चोट: पुलिस ने अब तक 37 गंभीर मामलों में संगठित अपराध से जुड़ी धारा 112 (2) BNS जोड़ी है।
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संपत्ति कुर्की: अपराधियों की अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को जब्त करने के लिए न्यायालय में 3 इस्तगासे पेश किए गए हैं, जिनमें से एक मामले में कुर्की के आदेश जारी हो चुके हैं।
करौली पुलिस: नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश
करौली एसपी लोकेश सोनवाल के अनुसार, जिले में वर्ष 2023 से अब तक 76 मुकदमे दर्ज कर 124 मुल्जिमों (44 वाहन मालिक और 80 चालक) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने चम्बल क्षेत्र से 361 टन अवैध बजरी जब्त की है और अवैध परिवहन में लिप्त 102 वाहनों को अपने कब्जे में लिया है।
जन-जागरूकता और सख्त निर्देश
पुलिस केवल धरपकड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर स्थानीय लोगों को प्रतिबंधित चम्बल बजरी के उपयोग के कानूनी परिणामों के प्रति जागरूक भी कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:
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अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों को केवल जुर्माना लेकर रिलीज नहीं किया जाएगा।
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वाहनों के पंजीकरण निरस्तीकरण और राजसात (Confiscation) की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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आमजन से अपील की गई है कि वे बजरी माफियाओं की सूचना पुलिस को दें ताकि चम्बल के पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट राजस्थान पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों और प्रेस इनपुट्स पर आधारित है। अवैध खनन से जुड़ी गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष लंबित है। अधिकृत कानूनी अपडेट्स के लिए संबंधित जिला पुलिस कार्यालयों की विज्ञप्तियों को संदर्भित करें।
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