आज का पंचांग (21 मई 2026): गुरु पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग, जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और व्रत-त्योहार
21 मई 2026 का पंचांग: आज गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग का महासंयोग है। जानें आज की तिथि, पुष्य नक्षत्र, राहुकाल का समय और शुभ अभिजीत मुहूर्त।
नई दिल्ली। सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग और शुभ मुहूर्तों का विचार करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है। आज यानी 21 मई 2026, गुरुवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और सांसारिक दोनों दृष्टिकोण से बेहद खास है, क्योंकि आज 'गुरु पुष्य योग' सहित कई अन्य दुर्लभ और अत्यंत फलदायी संयोग बन रहे हैं।
यदि आप आज कोई नया व्यवसाय, खरीदारी या मांगलिक कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दिए गए दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के समय के अनुसार आज के मुख्य पंचांग तत्वों की गणना अवश्य देख लें।
आज के मुख्य पंचांग तत्व (Panchang Core Elements)
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वार (दिन): गुरुवार (बृहस्पतिवार - भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का विशेष दिन)
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तिथि: शुक्ल पक्ष की पंचमी (सुबह 08:26 AM से 08:29 AM तक), इसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
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नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र (सुबह 04:12 AM से शुरू होकर अगले दिन तक प्रभावी रहेगा।)
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योग: गंड योग (सुबह तक), इसके बाद वृद्धि योग की शुरुआत होगी।
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करण: बालव और कौलव (सुबह तक), तत्पश्चात तैतिल करण।
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सूर्य और चंद्र की स्थिति: सूर्य देव इस समय वृषभ राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा मिथुन राशि से कर्क राशि में गोचर करेंगे।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय (दिल्ली समयानुसार)
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सूर्योदय: सुबह 05:27 AM से 05:31 AM
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सूर्यास्त: शाम 07:04 PM से 07:09 PM
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चंद्रोदय: सुबह 09:48 AM से 10:06 AM
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चंद्रास्त: रात 11:53 PM से 11:57 PM
आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त (Muhurat Timings)
ऋषियों के अनुसार, शुभ मुहूर्तों में किए गए कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न होते हैं, जबकि अशुभ काल (विशेषकर राहुकाल) में शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।
शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:05 AM से 04:46 AM तक (साधना और ध्यान के लिए सर्वोत्तम)
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 AM से 12:45 PM तक (दिन का सबसे श्रेष्ठ सामान्य मुहूर्त)
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विशेष महासंयोग (गुरु पुष्य योग): पुष्य नक्षत्र और गुरुवार के दुर्लभ मिलन से आज 'गुरु पुष्य योग' बन रहा है, जो पूरे दिन प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही आज सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का भी महासंयोग है। यह समय नई संपत्ति खरीदने, स्वर्ण आभूषणों की खरीदारी, नया निवेश करने या किसी बड़े कार्य का श्रीगणेश करने के लिए अक्षुण्ण फल देने वाला माना गया है।
अशुभ समय (बचें)
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राहुकाल: दोपहर 02:00 PM से 03:40 PM तक (इस दौरान कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू न करें)
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यमगंड काल: सुबह के शुरुआती घंटों में।
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गुलिक काल: सुबह 09:00 AM के आसपास।
आज के व्रत और त्योहार
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स्कंद षष्ठी (अधिक मास): आज भगवान कार्तिकेय (स्कंद) को समर्पित स्कंद षष्ठी का व्रत भी रखा जाएगा। दक्षिण भारत और शक्ति उपासना से जुड़े परिवारों में इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व है।
ज्योतिषीय परामर्श और विशेष सुझाव
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, गुरु पुष्य योग के दौरान की गई विष्णु सहस्रनाम की साधना या माता लक्ष्मी का पूजन दरिद्रता का नाश करता है। यदि आप आज के इस पावन संयोग का लाभ उठाना चाहते हैं, तो राहुकाल के समय को छोड़कर पूरे दिन में कभी भी शुभ खरीदारी कर सकते हैं।
Disclaimer: यह पंचांग सामान्य गणनाओं और उत्तरी भारत (विशेषकर दिल्ली) के अक्षांश-रेखांश के आधार पर तैयार किया गया है। विभिन्न पंचांग पद्धतियों (जैसे दृक, उज्जैन या काशी) और आपके स्थानीय शहर के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त व मुहूर्तों के समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है। किसी भी बड़े अनुष्ठान या सटीक मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पुरोहित या विश्वसनीय ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
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