राजस्थान समाज कल्याण: विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू जातियों के उत्थान के लिए सरकार संकल्पित; मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की सामाजिक सुधार और युवा सशक्तीकरण की अपील
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने धनगर, गड़रिया, गाड़री, गायरी और पाल बघेल समाज की बैठक में विमुक्त व घुमंतू जातियों के विकास के लिए सरकारी योजनाओं और पशुपालन अनुदानों की समीक्षा की।
जयपुर | 17 मई 2026
राजस्थान सरकार ने राज्य के विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू जनजाति समाजों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार, 17 मई 2026 को मुख्यमंत्री निवास पर गडरिया, गाड़री, गायरी, धनगर, पाल और बघेल समाजों के एक विशाल प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सशक्त महिलाएं, शिक्षित युवा, समृद्ध किसान और सामाजिक कुरीतियों से मुक्त समाज ही राज्य के सर्वांगीण विकास की मुख्य धुरी हैं।
इस गरिमामयी अवसर पर मुख्यमंत्री ने नारी सशक्तीकरण और कुशल प्रशासन की ऐतिहासिक प्रतीक पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होल्कर की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय समारोह के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन भी किया।
गौरवशाली इतिहास और आधुनिकता का अनूठा समन्वय
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समाजों का इतिहास वीरता, स्वामीभक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भरा हुआ है। उन्होंने खानवा के ऐतिहासिक युद्ध का स्मरण करते हुए वीर सिंह बघेल के अदम्य साहस और राणा सांगा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने समाज के युवाओं और किसानों से अपनी पारंपरिक कृषि और पशुपालन की विरासत को संजोए रखने के साथ-साथ उसमें आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का समावेश करने का आह्वान किया। उन्होंने भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिए रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल को कम करने और जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
युवाओं को मुख्यमंत्री का संदेश: "आज हमारा घुमंतू समाज शिक्षा के बल पर प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति, रक्षा बलों, आईटी और व्यापारिक क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। युवाओं को अपने पूर्वजों के संस्कारों को याद रखते हुए नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। आप शिक्षा की ओर कदम बढ़ाएं, राज्य सरकार आपके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।"
पशुपालकों और किसानों के लिए ऐतिहासिक कल्याणकारी योजनाएं
डबल इंजन सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण देते हुए बैठक में कई महत्वपूर्ण वित्तीय उपलब्धियां साझा की गईं:
-
किसान सम्मान निधि में वृद्धि: राज्य में किसान सम्मान निधि की वार्षिक राशि को ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 कर दिया गया है। इसके अलावा, गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ₹150 का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है।
-
बिजली और चिकित्सा सुविधाएं: प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही, बीमार पशुओं के निःशुल्क इलाज के लिए '1962' मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा सुचारू रूप से कार्य कर रही है।
-
डेयरी और दुग्ध उत्पादक संबल: दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक संबल देने के लिए राज्य में 2,185 नई दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां और संकलन केंद्र शुरू किए गए हैं। 'मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना' के तहत लगभग 5 लाख डेयरी किसानों को ₹1,383 करोड़ का अनुदान सीधे उनके खातों में भेजा गया है।
-
समाजिक सुरक्षा और ऋण योजनाएं: 'सरस मायरा योजना' के अंतर्गत दुग्ध उत्पादक परिवारों की बेटियों की शादी पर ₹21,000 की नकद सहायता दी जा रही है। वहीं, 'गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत 94 हजार पशुपालक परिवारों को ₹709 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है। इसके साथ ही, 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' में 20 लाख से अधिक मवेशियों का पंजीकरण कर उन्हें सुरक्षा कवच दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजाति महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दुष्यंत कुमार बघेल सहित राजस्थान के विभिन्न अंचलों से आए समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह विकास और सामाजिक कल्याण संबंधी समाचार रिपोर्ट सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। इस लेख में शामिल बजटीय आंकड़े, योजनाएं और सरकारी घोषणाएं 17 मई 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) राजस्थान और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयानों और प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित हैं। विभिन्न योजनाओं के पात्रता नियमों, अनुदान राशि या आवेदन प्रक्रिया की सटीक व नवीनतम जानकारी के लिए राजस्थान सरकार के संबंधित आधिकारिक विभागीय पोर्टल (जैसे कृषि, पशुपालन या सामाजिक न्याय विभाग) का अवलोकन करें।
अंग्रेजी (English) में ख़बर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें:
ताजा खबरों के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें: