राजस्थान राजस्व समीक्षा: कर चोरी के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सख्त; वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों के लिए तकनीक और नवाचार अपनाने के निर्देश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने और कर चोरी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अप्रैल 2026 में ₹11,235 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो 15.71% अधिक है।
जयपुर | 17 मई 2026
राजस्थान के समग्र विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार ने अपने वित्तीय ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने की कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार, 17 मई 2026 को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न राजस्व अर्जन विभागों के कामकाज का मूल्यांकन किया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में कर चोरी और राजस्व लीकेज को रोकने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी और जानबूझकर कर न चुकाने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय, ठोस कार्ययोजना और आधुनिक तकनीक व नवाचार (Innovation) का समावेश करने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख विभागों को मुख्यमंत्री के कड़े दिशा-निर्देश
राजस्व संग्रहण में तेजी लाने और लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी हैं:
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वाणिज्यिक कर विभाग: ऑडिट के मामलों की गहन समीक्षा की जाए। बाजार की वर्तमान प्रवृत्तियों को देखते हुए बेहतर और प्रभावी स्क्रूटिनी (Scrutiny) के नए पैरामीटर्स विकसित किए जाएं ताकि कर चोरी को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सके।
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खान विभाग: अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। खनन कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए वाहनों में जीपीएस (GPS) इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया को गति दी जाए। साथ ही, बंद पड़ी खानों की पहचान कर उनकी समयबद्ध नीलामी की जाए।
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परिवहन एवं आबकारी विभाग: परिवहन विभाग बकाया वाहन करों की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाए। वहीं, आबकारी विभाग पिछले वर्षों के बकाया राजस्व को वसूलने में तेजी लाए और अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए मुखबिर तंत्र को मजबूत व प्रोत्साहित करे।
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पंजीयन एवं मुद्रांक तथा राजस्व विभाग: ऑनलाइन ई-पंजीयन प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाकर बढ़ावा दिया जाए, जिससे डीआईजी (DIG) कार्यालयों में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके। भूमि अतिक्रमण के मामलों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को पूरी राजस्व प्राप्ति प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग (समीक्षा) करने की जिम्मेदारी सौंपी है ताकि प्रशासनिक ढिलाई को दूर किया जा सके।
राजस्व संग्रहण में १५.७१ प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज
समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किए गए वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की शुरुआत राज्य के लिए उत्साहजनक रही है। अप्रैल 2026 में राज्य को कुल 11 हजार 235 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष (अप्रैल 2025) की समान अवधि में हुए राजस्व संग्रहण की तुलना में 15.71 प्रतिशत की शानदार वृद्धि को दर्शाता है।
बैठक में उपस्थित उच्चाधिकारी: इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) अपर्णा अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव (वित्त) वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव (राजस्व) टी. रविकान्त सहित वाणिज्यिक कर, आबकारी, परिवहन और पंजीयन विभाग के आयुक्त व शासन सचिव उपस्थित थे।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह विकास और प्रशासनिक समाचार रिपोर्ट सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। इसमें शामिल आंकड़े और दिशा-निर्देश 17 मई 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) राजस्थान और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति व समीक्षा बैठक के विवरणों पर आधारित हैं। वित्तीय वर्ष के अंतिम बजटीय संसोधनों, विभागीय नियमों में बदलाव या आधिकारिक आंकड़ों के पुनर्मूल्यांकन की सटीक और प्रमाणित जानकारी के लिए राजस्थान सरकार के वित्त मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या राज्य गजट का अवलोकन करें।
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