राजस्थान में बड़ी कार्रवाई: प्रदेशभर के पेट्रोल पंपों पर औचक छापेमारी; उपभोक्ताओं को कम तेल देने वाले ४३ नोज़ल सीज, हर महीने लाखों की धोखाधड़ी का खुलासा

राजस्थान में उपभोक्ता मामले विभाग की बड़ी कार्रवाई। प्रदेश के 25 पेट्रोल पंपों पर घटतौली पकड़े जाने के बाद 43 नोज़ल सीज। जानें जिलों के अनुसार धोखाधड़ी की पूरी रिपोर्ट।

May 17, 2026 - 23:59
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राजस्थान में बड़ी कार्रवाई: प्रदेशभर के पेट्रोल पंपों पर औचक छापेमारी; उपभोक्ताओं को कम तेल देने वाले ४३ नोज़ल सीज, हर महीने लाखों की धोखाधड़ी का खुलासा
Rajasthan Petrol Pump Raid

जयपुर | 17 मई 2026

राजस्थान में आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और घटतौली (कम नाप-तौल) को रोकने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। विभाग की विशेष सतर्कता टीमों ने रविवार, 17 मई 2026 को प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर अचानक सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस औचक कार्रवाई के दौरान ईंधन की मात्रा में भारी गड़बड़ी पाए जाने पर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए 25 पेट्रोल पंपों के कुल 43 नोज़ल (Nozzles) को मौके पर ही सीज कर उनकी बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि कई नामी पेट्रोल पंप संचालक हर 5 लीटर ईंधन की बिक्री पर उपभोक्ताओं को 30 से 60 मिलीलीटर (ML) तक कम पेट्रोल और डीजल दे रहे थे। चूंकि इन पंपों पर रोजाना हजारों लीटर ईंधन की बिक्री होती है, इसलिए यह छोटी सी दिखने वाली घटतौली हर महीने आम जनता को लाखों रुपये की चपत लगा रही थी।


जिलों के अनुसार की गई कार्रवाई और वित्तीय नुकसान का विवरण

उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 7 प्रमुख जिलों में की गई कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:

  • सिरोही: जिले के 7 पेट्रोल पंपों पर बड़े पैमाने पर शॉर्ट डिलीवरी (कम ईंधन देना) पाई गई, जिसके बाद 9 नोज़ल बंद किए गए। रामपीर फिलिंग स्टेशन, पवन फिलिंग, करणी फ्यूल, देवनगरी पेट्रोलियम सर्विस, पार्वती दरिया फिलिंग स्टेशन, सुरेन्द्र जितेन्द्र ट्रेडर्स और भगवती फिलिंग स्टेशन पर प्रति 5 लीटर 40 से 50 एमएल तक कम तेल दिया जा रहा था। इससे उपभोक्ताओं को हर महीने करीब 90 से 360 लीटर ईंधन का नुकसान हो रहा था, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.14 लाख आंकी गई है।

  • नागौर: यहां सबसे ज्यादा कार्रवाई करते हुए 4 पेट्रोल पंपों के 11 नोज़ल ज़ब्त किए गए। नंदलाल राजेश कुमार कछवाहा फिलिंग स्टेशन, गुलाबदास आत्माराम, मारवाड़ फिलिंग स्टेशन और आर एल सिहाग पेट्रोलियम पर हर महीने 54 से 378 लीटर तक कम ईंधन देने की पुष्टि हुई है, जिससे ₹97 हजार की आर्थिक चपत लग रही थी।

  • अलवर: सिंघल सर्विस स्टेशन और चौधरी सर्विस स्टेशन के 5 नोज़ल सीज किए गए। सिंघल सर्विस स्टेशन पर प्रति 5 लीटर 30 से 60 एमएल तक कम डिलीवरी मिली। यहां हर महीने 648 लीटर तक कम ईंधन देकर उपभोक्ताओं को ₹91 हजार से अधिक का चूना लगाया जा रहा था।

  • पाली: मा आई जी फिलिंग, पूजा एचपी पेट्रोलियम, पार्श्व एनर्जी और कछवा बस सर्विसेज के कुल 5 नोज़ल बंद किए गए, जहां उपभोक्ताओं को प्रति माह ₹55 हजार से अधिक की वित्तीय हानि हो रही थी।

  • भीलवाड़ा और सीकर: भीलवाड़ा में दीपक पेट्रोलियम, शिव इंडियन ऑयल और श्री श्याम फिलिंग स्टेशन के 4 नोज़ल बंद किए गए। वहीं, सीकर जिले के सीएसआरबी फिलिंग स्टेशन (नायरा) में हर महीने 216 लीटर की शॉर्ट डिलीवरी पकड़े जाने पर उसके 4 नोज़ल सीज कर दिए गए।

विभागीय आकलन के मुताबिक, इन चिन्हित मामलों के जरिए पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं की जेब से हर महीने करीब ₹4 लाख की अतिरिक्त अवैध वसूली की जा रही थी।


सरकार का रुख: अनियमितता करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

इस औचक निरीक्षण अभियान की सफलता पर बात करते हुए राजस्थान के उपभोक्ता मामले मंत्री श्री सुमित गोदारा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।

मंत्री का आधिकारिक बयान: "हमारा विभाग उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इस सक्रिय कार्रवाई का सीधा उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता लाना और पेट्रोल पंप संचालकों की जवाबदेही तय करना है। नियमों का उल्लंघन कर जनता को धोखा देने वाले डीलरों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह औचक निरीक्षण अभियान भविष्य में भी इसी तरह बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार जारी रहेगा।"


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट उपभोक्ता मामले विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा 17 मई 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, विभागीय आंकड़ों और सार्वजनिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है। विभिन्न पेट्रोल पंपों पर की गई प्रशासनिक सीलिंग, शॉर्ट डिलीवरी के सटीक मापदंडों और संबंधित संचालकों पर की गई कानूनी कार्रवाई की अंतिम व विस्तृत जानकारी के लिए राजस्थान राज्य उपभोक्ता संरक्षण फोरम या आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर जारी अधिसूचनाओं को ही अंतिम स्रोत मानें।

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