राजस्थान ग्रामीण विकास: उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया केसरपुरा ग्राम पंचायत भवन का लोकार्पण; कहा- यह पूरे प्रदेश के लिए बनेगा मॉडल
राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अजमेर के केसरपुरा में मॉडल ग्राम पंचायत भवन का लोकार्पण किया। केंद्रीय कृषि मंत्री भागीरथ चौधरी ने जैविक खेती पर दिया जोर।
अजमेर/जयपुर | 17 मई 2026
राजस्थान में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रविवार, 17 मई 2026 को अजमेर जिले के केसरपुरा में नव-निर्मित अत्याधुनिक ग्राम पंचायत भवन का आधिकारिक लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित 'ग्राम विकास चौपाल' के दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
विशेष बात यह रही कि उप मुख्यमंत्री ने ईंधन और पेट्रोलियम पदार्थों की बचत के राष्ट्रीय संदेश का अनुसरण करते हुए जयपुर से अजमेर की यात्रा के लिए सड़क मार्ग के बजाय अरावली एक्सप्रेस ट्रेन (रेल मार्ग) का विकल्प चुना।
केसरपुरा पंचायत भवन बनेगा मिसाल: उप मुख्यमंत्री
लोकार्पण समारोह और विकास चौपाल को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने केसरपुरा के नए पंचायत भवन की निर्माण गुणवत्ता और सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा:
उप मुख्यमंत्री का वक्तव्य: "केसरपुरा का यह नवनिर्मित ग्राम पंचायत भवन अपनी आधुनिक सुविधाओं के कारण पूरे राजस्थान के लिए एक मॉडल (मिसाल) के रूप में उभरेगा। राज्य की अन्य ग्राम पंचायतों को भी इसी तर्ज पर अपने प्रशासनिक भवनों का विकास करना चाहिए। एक सुविधायुक्त और सुव्यवस्थित भवन से न केवल स्थानीय स्तर पर ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलती है, बल्कि पंचायती राज बैठकों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक आदर्श स्थान भी उपलब्ध होता है।"
अजमेर जिले की प्रभारी मंत्री के रूप में अपने दायित्वों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र का चहुंमुखी विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार ने 'ग्राम विकास रथों' और 'विकास चौपालों' के माध्यम से नीतियों को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाया है। चौपाल के दौरान लगाई गई सुझाव पेटिका (Suggestion Box) में प्राप्त जन-सुझावों पर भी गंभीरता से अमल किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि यह सरकार जनता की सेवा के लिए चुनी गई है और सतत विकास के जरिए ग्रामीण जीवन को सुगम बनाना इसका मुख्य उत्तरदायित्व है।
कृषि में आधुनिक तकनीक और जैविक पद्धति अपनाने पर जोर
लोकार्पण कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय कृषि मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार द्वारा गांव, गरीब, किसान और वंचित वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति साझा की।
उन्होंने किसानों और ग्रामीण समुदाय से निम्नलिखित महत्वपूर्ण अपील की:
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पारंपरिक खेती से आगे बढ़ें: किसान अब लकीर का फकीर बनने के बजाय आधुनिक तकनीक आधारित और बाजार की मांग के अनुरूप खेती को अपनाएं ताकि उनकी उत्पादन लागत कम हो सके।
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मृदा स्वास्थ्य जांच (Soil Testing): रसायनों और अत्यधिक कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से भूमि की उत्पादकता प्रभावित हो रही है। किसान अपनी जमीनों की मिट्टी की जांच नियमित रूप से कराएं।
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जैविक और प्राकृतिक खेती: धरती, पर्यावरण और मानव जीवन को सुरक्षित रखने के लिए जैविक खाद (Organic Farming) के इस्तेमाल को बढ़ावा दें। खेतों की मेड़ पर स्थाई पेड़ लगाएं और फलदार बगीचों की स्थापना कर आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करें।
केंद्रीय मंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा देश की विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए नागरिक स्तर पर ईंधन संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस गरिमामयी समारोह के दौरान नसीराबाद विधायक श्री रामस्वरूप लांबा, स्थानीय पंच-सरपंच, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह ग्रामीण बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक विकास से जुड़ी समाचार रिपोर्ट लोकहित में सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। इस लेख में शामिल विवरण, वक्तव्य और घोषणाएं 17 मई 2026 को उप मुख्यमंत्री कार्यालय (जाटव भवन/सचिवालय) और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। पंचायत योजनाओं, ग्रामीण विकास नीति या विशिष्ट बजटीय आवंटनों की प्रमाणित और नवीनतम तकनीकी जानकारी के लिए पंचायती राज विभाग, राजस्थान की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करें।
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