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राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं: सरकार ने आमजन से की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता, सरकार ने आमजन से घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की। जानें क्या है ईंधन की बढ़ती मांग का कारण।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 20 May 2026 👁️ 73 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं: सरकार ने आमजन से की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील

जयपुर: राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। विभाग ने आमजन से घबराहट में खरीदारी (panic buying) न करने और अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है।

मांग में बढ़ोतरी का कारण क्या है?

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव श्री अम्बरीष कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सरकारी तेल कंपनियों के आउटलेट्स पर डीजल की कीमत 94 रुपये प्रति लीटर है, जबकि निजी क्षेत्र की कंपनी (नायरा) के आउटलेट्स पर यह लगभग 97 रुपये प्रति लीटर है। मूल्य में इसी अंतर के कारण सरकारी पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ी है। इसके अतिरिक्त, थोक बाजार में डीजल की कीमत ~160 रुपये प्रति लीटर होने के चलते कई औद्योगिक उपभोक्ता भी खुदरा पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पर अस्थायी दबाव देखा जा रहा है।

तेल कंपनियों के आंकड़े: मांग में जबरदस्त उछाल

राज्य में ईंधन की खपत में पिछले वर्ष की तुलना में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है:

  • इंडियन ऑयल: पेट्रोल बिक्री में 28% और डीजल में 43% की बढ़ोत्तरी।

  • बीपीसीएल: पेट्रोल में 24% और डीजल बिक्री में 30% से अधिक की वृद्धि।

  • एचपीसीएल: पेट्रोल बिक्री में 13.7% और डीजल बिक्री में 16.8% की बढ़ोतरी।

अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान में यह वृद्धि काफी अधिक है, इसके बावजूद तेल विपणन कंपनियों ने आश्वस्त किया है कि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और स्टॉक में कोई कमी नहीं है।

सरकार की अपील: सामान्य खरीदारी व्यवहार बनाए रखें

सचिव अम्बरीष कुमार ने कहा कि विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी दैनिक जरूरतों के अनुसार ही ईंधन भरवाएं। अनावश्यक भंडारण करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि राज्य के हर जिले में पेट्रोल और डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पैनिक बाइंग से केवल पंपों पर भीड़ बढ़ती है, जिससे आम उपभोक्ताओं को असुविधा होती है। विभाग का मुख्य उद्देश्य खुदरा उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देना और राज्य में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखना है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार लेख आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और विभागीय जानकारी पर आधारित है। इसे सार्वजनिक सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ईंधन से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए अपने नजदीकी पेट्रोल पंप या आधिकारिक सरकारी पोर्टल देखें।

अंग्रेजी में समाचार पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: missionkiawaaz.com

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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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