राजस्थान ओडीओपी नीति 2024 में बड़े बदलाव: अब उद्यम विस्तार और निजी तकनीकी सहायता पर भी मिलेगा अनुदान
Meta Description: राजस्थान एक जिला एक उत्पाद नीति 2024 में हुए बदलाव, उद्यम विस्तार पर 20 लाख तक का अनुदान, निजी संस्थानों के माध्यम से तकनीकी अपग्रेडेशन की सुविधा, नई ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया।
राजस्थान में स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) नीति-2024 में दो अत्यंत महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने इन बदलावों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे राज्य के सूक्ष्म और लघु उद्यमियों के लिए विकास के नए द्वार खुल गए हैं।
1. उद्यम विस्तार पर मार्जिन मनी का लाभ
पहले 'एक जिला एक उत्पाद' नीति का लाभ केवल नई स्थापित इकाइयों को ही मिल पाता था, लेकिन अब राज्य बजट 2026-27 के वादे के अनुसार, पहले से चल रहे उद्यमों के विस्तार के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी।
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सूक्ष्म इकाइयां (Micro Units): इन्हें विस्तार के लिए 20 लाख रुपये तक का मार्जिन मनी अनुदान मिल सकेगा।
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लघु इकाइयां (Small Units): इन्हें 15 लाख रुपये तक का अनुदान प्राप्त होगा।
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इसके लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है।
2. निजी संस्थानों के जरिए तकनीकी उन्नयन (Technical Upgradation)
अब तक तकनीकी उन्नयन के लिए केवल सरकारी संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। नए संशोधन के बाद, उद्यमी अब निजी संस्थानों के माध्यम से भी अपनी तकनीक को अपग्रेड कर सकेंगे। इसके लिए सरकार 5 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान करेगी। इस बदलाव का सीधा लाभ यह होगा कि उद्यमी नवीनतम मशीनों का उपयोग कर कम ऊर्जा खपत में बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर सकेंगे।
आवेदन प्रक्रिया में सरलीकरण
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त श्री नीलाभ सक्सेना ने बताया कि प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। अब जिला महाप्रबंधकों द्वारा ही आवेदनों की स्वीकृति जारी की जा रही है। इसका परिणाम यह है कि 1 फरवरी, 2026 से अब तक प्राप्त 350 से अधिक आवेदनों का निपटारा बहुत ही कम समय में किया गया है।
इसके अतिरिक्त, राज्य के पांच जिलों में 18.19 करोड़ रुपये की लागत से 'कॉमन फैसिलिटी सेंटर', टेस्टिंग लैब और भंडारण जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढाला जा सके।
Disclaimer:
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए कृपया उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या अपने निकटतम जिला उद्योग केंद्र (DIC) से संपर्क करें।
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