जयपुर: 'पंच गौरव' कार्यक्रम से चमकेगी जिले की अर्थव्यवस्था, कलेक्टर संदेश नायक ने दिए ठोस रणनीति बनाने के निर्देश
जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने 'पंच गौरव' कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की। आंवला, लिसोड़ा, रत्नाभूषण, कबड्डी और आमेर दुर्ग के विकास से जिले में रोजगार और आर्थिक उन्नति को बढ़ावा दिया जाएगा।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक उन्नति से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला कलेक्टर श्री संदेश नायक की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जयपुर जिले के 'पंच गौरव' (पाँच विशिष्ट पहचान) के संरक्षण, संवर्धन और विकास के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना था।
बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 'पंच गौरव' न सिर्फ जयपुर की सांस्कृतिक पहचान हैं, बल्कि ये जिले के आर्थिक विकास और आजीविका सृजन के सबसे मजबूत स्तंभ बन सकते हैं।
क्या है जयपुर का 'पंच गौरव' कार्यक्रम?
जयपुर जिले के समग्र विकास के लिए पांच विशेष क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें 'पंच गौरव' का नाम दिया गया है:
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एक जिला एक उत्पाद (ODOP): रत्नाभूषण (Gems and Jewellery)
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एक जिला एक उपज (ODOF): आंवला
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एक जिला एक वनस्पति प्रजाति: लिसोड़ा
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एक जिला एक खेल: कबड्डी
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एक जिला एक पर्यटन स्थल: आमेर दुर्ग
वर्ष 2026-27 के लिए बनेगा विशेष गतिविधियों का कैलेंडर
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विजन को धरातल पर उतारने के लिए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना और गतिविधियों का कैलेंडर जारी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार द्वारा आयोजित होने वाले हर छोटे-बड़े कार्यक्रमों, मेलों और सम्मेलनों में होर्डिंग्स, स्टैंडी और बैनर के माध्यम से 'पंच गौरव' का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा, नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के लिए सरकारी और निजी स्कूलों में जागरूकता प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
विभागवार दिए गए प्रमुख निर्देश:
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उद्यान एवं वन विभाग: लिसोड़ा और आंवले के अधिक से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य तय करें। पौधों की सुरक्षा के लिए 'वृक्ष मित्रों' की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही इन उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग की व्यवस्था की जाएगी।
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खेल विभाग: युवाओं को कबड्डी के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए पंचायत, उपखंड और जिला स्तर पर नियमित खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
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पर्यटन विभाग: आमेर दुर्ग में पर्यटकों की सुविधा के लिए कनेक्टिविटी, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, साइनेज और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए 'गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम' चलाए जाएंगे और पर्यटकों को इतिहास की सही जानकारी देने के लिए विशेष साहित्य का वितरण होगा।
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उद्योग विभाग: जयपुर के विश्वप्रसिद्ध रत्नाभूषण व्यवसाय से युवाओं को जोड़ने और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से स्किल डेवलपमेंट कार्यशालाएं (Workshops) आयोजित की जाएंगी।
बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रथम श्रीमती विनीता सिंह सहित सांख्यिकी और आयोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौजूद रहे।
Disclaimer: यह लेख आधिकारिक प्रशासनिक बैठक और सरकारी सूचनाओं के आधार पर केवल जन-जागरूकता और सूचना प्रसार के उद्देश्य से लिखा गया है। इसका उद्देश्य किसी भी रूप में कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन करना नहीं है।
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