राजस्थान में बजट घोषणाओं पर 'एक्शन मोड': मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश; वित्तीय मितव्ययिता पर रहेगा जोर

Rajasthan Budget 2026: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बजट घोषणाओं की समीक्षा की। वित्तीय अनुशासन, मितव्ययिता और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर विशेष निर्देश।

May 14, 2026 - 00:01
 0
राजस्थान में बजट घोषणाओं पर 'एक्शन मोड': मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश; वित्तीय मितव्ययिता पर रहेगा जोर
V. Srinivas CS Rajasthan

जयपुर | प्रशासनिक डेस्क

राजस्थान के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राज्य की बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के 'वित्तीय अनुशासन और व्यय नियंत्रण' के आह्वान को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रमुख निर्देश: लंबित कार्यों में लाएं तेजी

मुख्य सचिव ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 की शेष घोषणाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, आगामी 2026-27 की घोषणाओं के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना और रोडमैप तैयार करने को कहा है।

  • प्रक्रियात्मक तेजी: जिन परियोजनाओं में भूमि आवंटन, DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट), तकनीकी स्वीकृति और वन विभाग की मंजूरी लंबित है, उन पर संबंधित विभाग समन्वय के साथ त्वरित कार्यवाही करें।

  • नियमित मॉनिटरिंग: घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

वित्तीय अनुशासन और मितव्ययिता (Austerity Measures)

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के उस निर्णय का उदाहरण दिया जिसमें उन्होंने ईंधन व्यय घटाने के लिए अपने काफिले के आकार में कटौती की है।

  • अनावश्यक व्यय में कटौती: सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक मितव्ययिता के प्रति संवेदनशील बनाएं।

  • निर्यात और उद्योगों का संरक्षण: उन्होंने आगाह किया कि खर्च में कटौती का कोई भी नकारात्मक प्रभाव राजस्थान की टेक्सटाइल और अन्य उत्पादों की निर्यात गतिविधियों पर नहीं पड़ना चाहिए।

16वां वित्त आयोग और केंद्रीय योजनाएं

बैठक में 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को आयोग की सिफारिशों का गहराई से अध्ययन करने के निर्देश दिए। वहीं, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री वैभव गालरिया ने जोर दिया कि केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के तहत 'मदर सैंक्शन' (मुख्य स्वीकृति) प्राप्त करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए ताकि बजट के अभाव में कार्य न रुकें।

विशेषज्ञ विश्लेषण: विकास और बचत का संतुलन

प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान जैसे राज्य के लिए वित्तीय अनुशासन का पालन करना अनिवार्य है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर बजट घोषणाओं का समयबद्ध पूरा होना जनता के विश्वास को बढ़ाता है। 16वें वित्त आयोग की तैयारी करना राज्य के भविष्य के राजस्व और केंद्रीय सहायता के लिए एक रणनीतिक कदम है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बैठक विवरणों और प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है।

गूगल पर हमें फॉलो करने के लिए यहाँ क्लिक करें:

Follow Mission Ki Awaaz

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

NewsDesk Mission Ki Awaaz Is An News Media Company Founded By Bhupendra Singh Sonwal.