राजस्थान पुलिस कल्याण निधि बोर्ड की 26वीं बैठक: पुलिस परिवारों के लिए 'संवेदनशील' निर्णय; रिटायर्ड कर्मियों को भी मिलेगा बीमारियों के इलाज में संबल
Rajasthan Police Welfare Fund 2026: डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को चिकित्सा सहायता और प्रसूति व्यय में राहत देने जैसे बड़े निर्णय लिए गए।
जयपुर | प्रशासनिक डेस्क
राजस्थान पुलिस के जवानों और उनके परिवारों के कल्याण की दिशा में बुधवार को एक मील का पत्थर साबित होने वाली बैठक आयोजित की गई। पुलिस मुख्यालय सभागार में आयोजित 'राजस्थान पुलिस कल्याण निधि बोर्ड' की 26वीं बैठक में डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने कई दूरगामी और मानवीय निर्णय लिए हैं। बैठक का मुख्य केंद्र पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना रहा।
प्रमुख निर्देश: सेवानिवृत्त कर्मियों और परिवारों को बड़ी राहत
बैठक में केवल सेवारत ही नहीं, बल्कि विभाग के पूर्व सदस्यों के लिए भी उदारता दिखाई गई है:
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रिटायर्ड कर्मियों को सहायता: अब सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को भी गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों के इलाज के लिए पुलिस कल्याण निधि से आर्थिक मदद मिल सकेगी।
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प्रसूति व्यय में सहयोग: संतान ऑपरेशन (प्रसूति) के बाद गंभीर स्थिति में होने वाले अतिरिक्त चिकित्सा व्यय के लिए निर्धारित सीमा में आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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ऋण माफी का मानवीय निर्णय: बीकानेर के दिवंगत कांस्टेबल श्री रतनदीप मीणा के परिवार को बड़ी राहत देते हुए उनके नाम स्वीकृत 5 लाख रुपये की बकाया ऋण राशि को अपलेखित (माफ) करने का निर्णय लिया गया।
आधुनिकीकरण और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और जीवन स्तर को सुधारने के लिए बोर्ड ने अधोसंरचना पर विशेष ध्यान दिया है:
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कैंटीन और लाइब्रेरी: पुलिस लाइंस में संचालित कैंटीनों और लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
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नए जिलों में विस्तार: राजस्थान के नवसृजित जिलों और यूनिटों में भी जल्द ही केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (CPC) कैंटीन खोलने के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
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छात्रवृत्ति दरें: तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति की दरों में वृद्धि और समानता लाने के विषय पर जल्द ही परीक्षण कर आगामी बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय विवरण का अनुमोदन किया गया। डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी पुलिस बल को सुरक्षा और सम्मान का भाव देना है। उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया।
विशेषज्ञ विश्लेषण: पुलिस बल का बढ़ेगा मनोबल
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान पुलिस द्वारा अपने सेवानिवृत्त कर्मियों को स्वास्थ्य लाभ के दायरे में लाना एक सराहनीय कदम है। इससे न केवल वर्तमान में कार्यरत जवानों का विभाग के प्रति भरोसा बढ़ेगा, बल्कि कठिन परिस्थितियों में पुलिस परिवारों को मिलने वाला वित्तीय संबल उनकी कार्यक्षमता में भी सकारात्मक सुधार लाएगा। नवगठित जिलों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना राज्य के प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए अनिवार्य है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख राजस्थान पुलिस मुख्यालय और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बैठक विवरणों और प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है।
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