राजस्थान: अब उद्यमियों को नहीं काटने होंगे बिजली दफ्तर के चक्कर, 45 दिन से अटकी फाइलों की MD खुद करेंगे समीक्षा

राजस्थान में औद्योगिक बिजली कनेक्शन अब 21 से 45 दिनों के भीतर जारी होंगे। चेयरमैन आरती डोगरा ने MD स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा और कार्मिकों के प्रशिक्षण के निर्देश दिए हैं। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

May 14, 2026 - 00:07
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राजस्थान: अब उद्यमियों को नहीं काटने होंगे बिजली दफ्तर के चक्कर, 45 दिन से अटकी फाइलों की MD खुद करेंगे समीक्षा
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जयपुर | 13 मई, 2026

राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों की समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए डिस्कॉम प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में औद्योगिक बिजली कनेक्शन (Industrial Electricity Connection) जारी करने की प्रक्रिया न केवल सुगम होगी, बल्कि इसकी जवाबदेही भी तय कर दी गई है।

अधिकारियों की जवाबदेही तय: MD लेंगे साप्ताहिक रिपोर्ट

चेयरमैन डिस्कॉम्स, सुश्री आरती डोगरा ने बुधवार को तीनों डिस्कॉम्स (जयपुर, अजमेर और जोधपुर) के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यदि किसी औद्योगिक कनेक्शन की फाइल 21 दिन से अधिक लंबित रहती है, तो उच्च अधिकारी इसकी जांच करेंगे। वहीं, 45 दिन से अधिक पुराने प्रकरणों की समीक्षा सीधे प्रबंध निदेशक (MD) के स्तर पर साप्ताहिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी।

कर्मचारियों को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग

अक्सर नियमों की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण फाइलें अटकी रहती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए अगले दो महीनों के भीतर सहायक अभियंताओं और संबंधित कार्मिकों को TCOS (Terms and Conditions of Supply) और रेगुलेशन नियमों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए एक समान ट्रेनिंग मैन्युअल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

फाइलों पर अनावश्यक टिप्पणियों पर रोक

सुश्री डोगरा ने सख्त लहजे में कहा कि "छोटी-छोटी कमियों के बहाने फाइलों पर अनावश्यक टिप्पणियां कर आवेदनों को लटकाया न जाए।"

  • चेकलिस्ट अनिवार्य: अब आवेदन के समय ही उद्यमी को जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्ट सौंपी जाएगी।

  • तत्काल सूचना: यदि आवेदन में कोई कमी है, तो आवेदक को तुरंत सूचित करना होगा ताकि समय रहते सुधार हो सके।

औद्योगिक एसोसिएशनों के साथ बढ़ेगी पारदर्शिता

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब हर महीने सर्किल अधीक्षण अभियंता (SE) औद्योगिक एसोसिएशनों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में न केवल लंबित कनेक्शनों की सूची साझा की जाएगी, बल्कि औद्योगिक फीडर पर होने वाली बिजली ट्रिपिंग और उसे ठीक करने में लगने वाले समय का डेटा भी पेश किया जाएगा।

विशेष नोट: इस बैठक में अजमेर डिस्कॉम के एमडी श्री केपी वर्मा सहित तीनों निगमों के तकनीकी निदेशक और मुख्य अभियंता भी मौजूद रहे।


Disclaimer: यह लेख आधिकारिक सरकारी निर्देशों और प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी तकनीकी प्रक्रिया को शुरू करने से पहले संबंधित विद्युत विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी कार्यालय से संपर्क करें। हमारी वेबसाइट किसी भी विसंगति के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।

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