राजस्थान: राजस्व संग्रह में 15.71% की जोरदार वृद्धि, अप्रैल में सरकारी खजाने में आए ₹11,235 करोड़
राजस्थान के राजस्व संग्रह में अप्रैल 2026 में 15.71% की वृद्धि दर्ज की गई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्व बढ़ोतरी के लिए AI-Driven Tax Intelligence System और नई एक्साईज पॉलिसी के महत्व पर जोर दिया।
जयपुर | 14 मई 2026
राजस्थान सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत शानदार वित्तीय आंकड़ों के साथ की है। शासन सचिवालय में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित वित्त (राजस्व) विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश की आर्थिक स्थिति का ब्यौरा पेश किया गया। आंकड़ों के अनुसार, केवल अप्रैल 2026 में राज्य ने 11,235 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 15.71% अधिक है।
प्रमुख क्षेत्रों में राजस्व की स्थिति
बैठक में विभिन्न कर श्रेणियों के प्रभावशाली आंकड़े साझा किए गए, जो राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था की ओर इशारा करते हैं:
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GST संग्रह: वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से अप्रैल 2026 में 4,749 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो अप्रैल 2025 की तुलना में 29.68% की रिकॉर्ड वृद्धि है।
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VAT (वैट): मूल्य वर्धित कर के माध्यम से 2,008 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो पिछले वर्ष से 11.85% अधिक है।
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पंजीयन एवं मुद्रांक: इस क्षेत्र में 1,121 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ, जिसमें वार्षिक आधार पर 31.68% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
AI और तकनीक से कर चोरी पर लगाम
मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्व संग्रहण को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है।
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AI-Driven Tax Intelligence System: फर्जी करदाताओं की रियल-टाइम पहचान के लिए एक उन्नत एआई-संचालित सिस्टम तैनात किया जा रहा है।
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पारदर्शिता: राजस्व अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
भावी लक्ष्य और रणनीतियां
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने कुल बजट अनुमान 1,91,103 करोड़ रुपये निर्धारित किया है। मुख्य सचिव ने विश्वास जताया कि एक्साईज पॉलिसी 2025 से आने वाले समय में राजस्व में और भी अधिक बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी। सभी विभागों को बकाया राजस्व वसूली को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव (वित्त) श्री वैभव गालरिया, और वाणिज्यिक कर आयुक्त श्रीमती आनन्दी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट वित्त विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक के आधिकारिक आंकड़ों और प्रेस वक्तव्य पर आधारित है। राजस्व के आंकड़े अनंतिम (Provisional) हो सकते हैं और अंतिम ऑडिट के बाद इनमें परिवर्तन संभव है। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है।
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