राजस्थान: 45 दिनों में 43 हजार घरों को मिलेगा डीपीएनजी कनेक्शन, मुख्य सचिव ने दिए 'एलपीजी फ्री जोन' बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान में 45 दिनों में 43,000 नए डीपीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश को 'एलपीजी फ्री जोन' बनाने के लिए आईटीआई प्लंबरों और सोशल मीडिया अवेयरनेस का सहारा लिया जाएगा।
जयपुर | 14 मई 2026
राजस्थान सरकार ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को एलपीजी फ्री जोन (LPG Free Zone) बनाने की दिशा में अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) समिति की बैठक में प्रदेश की 13 सीजीडी संस्थाओं को अगले 45 दिनों के भीतर 43 हजार नए घरेलू गैस कनेक्शन (DPNG) जारी करने का लक्ष्य दिया है।
प्रतिदिन 1000 कनेक्शन का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जून माह तक औसतन प्रतिदिन एक हजार घरों को पाइपलाइन से गैस सुविधा से जोड़ा जाए। बैठक की मुख्य रणनीतियां निम्नलिखित हैं:
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आधारभूत संरचना का उपयोग: जिन इलाकों में पाइपलाइन का नेटवर्क बिछाया जा चुका है, वहां के रहवासियों को प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन दिए जाएंगे।
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अवेयरनेस कैंपेन: नागरिकों को डीपीएनजी की 24x7 उपलब्धता, सुरक्षा और कम कीमत के बारे में जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया और स्थानीय शिविरों का सहारा लिया जाएगा।
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प्रशिक्षित मैनपावर: औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को 5 हजार प्रशिक्षित प्लंबरों की सूची राजस्थान स्टेट गैस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि इंस्टॉलेशन कार्य में तेजी आए।
प्रदेश में वर्तमान स्थिति
समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में प्राकृतिक गैस वितरण के अब तक के आंकड़े साझा किए गए:
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CNG स्टेशन: प्रदेश में वर्तमान में 490 सीएनजी स्टेशन संचालित हैं।
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औद्योगिक एवं व्यावसायिक: अब तक 1380 संस्थानों को गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
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घरेलू कनेक्शन: राज्य में अब तक 1 लाख 53 हजार घरों तक पाइपलाइन से गैस (DPNG) पहुंच चुकी है।
एलपीजी फ्री जोन की दिशा में कदम
अतिरिक्त मुख्य सचिव (माइंस एवं पेट्रोलियम) श्रीमती अपर्णा अरोड़ा ने संस्थाओं को निर्देश दिए कि वे उन इलाकों को चिन्हित करें जहां शत-प्रतिशत शिफ्टिंग संभव है। इससे उन क्षेत्रों को औपचारिक रूप से 'एलपीजी फ्री जोन' घोषित किया जा सकेगा।
आरएसजीएल (RSGL) के प्रबंध निदेशक श्री विनय पाटनी ने बताया कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने और मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए कोटा में प्लंबरों की विशेष कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर सांवत, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास श्री आलोक गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और 13 सीजीडी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट राज्य स्तरीय सीजीडी समिति की बैठक के आधिकारिक प्रेस नोट और प्रशासनिक निर्देशों पर आधारित है। डीपीएनजी कनेक्शन के नियम, शुल्क और उपलब्धता संबंधित क्षेत्र की अधिकृत गैस वितरण संस्था के मानदंडों के अधीन हैं। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय वितरण कार्यालय से संपर्क करें। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है।
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