राजस्थान: रिप्स-2024 के तहत 75 से अधिक औद्योगिक प्रस्ताव मंजूर, ₹4,000 करोड़ से अधिक के अनुदान को हरी झंडी
राजस्थान सरकार ने रिप्स-2024 के तहत 75+ औद्योगिक इकाइयों के लिए 4020 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता में हुए इस निर्णय से मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
जयपुर | 14 मई 2026
राजस्थान में औद्योगिक निवेश को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLCC) की बैठक में 75 से अधिक औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
निवेश प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS-2024) के तहत स्वीकृत इन प्रस्तावों के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से 4,020 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इन इकाइयों को मिलने वाले प्रमुख लाभों में शामिल हैं:
-
एसेट क्रिएशन इन्सेन्टिव: पूंजीगत निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता।
-
थ्रस्ट बूस्टर एवं ब्याज अनुदान: उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने और वित्तीय बोझ कम करने के लिए।
-
विद्युत शुल्क में छूट: परिचालन लागत (Operational Cost) को कम करने हेतु।
-
ग्रीन इन्सेन्टिव: पर्यावरण अनुकूल इकाइयों और टिकाऊ निवेश को विशेष प्राथमिकता।
बड़े निवेश पर विशेष ध्यान
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त श्री नीलाभ सक्सेना ने जानकारी दी कि एसएलसीसी (SLCC) मुख्य रूप से उन प्रस्तावों पर विचार करती है जहाँ निवेश की राशि 25 करोड़ रुपये से अधिक होती है। रिप्स-2024 के तहत मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर के साथ-साथ एक्सपोर्ट प्रमोशन, ट्रेनिंग और स्किलिंग पर भी विशेष परिलाभ दिए जा रहे हैं।
राइजिंग राजस्थान समिट का सकारात्मक प्रभाव
सक्सेना ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य की नीतियों और आगामी 'राइजिंग राजस्थान' ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के चलते निवेश का सकारात्मक माहौल बना है।
हाल ही में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में 4 मई को हुई स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में भी 2,201 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की अनुशंसा की गई थी। ये प्रस्ताव विशेष रूप से ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े हैं, जिनसे करीब 1,600 से अधिक लोगों को सीधा रोजगार मिलने की संभावना है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट और राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति के निर्णयों पर आधारित है। अनुदान और परिलाभों की अंतिम पात्रता विभागीय जांच और रिप्स-2024 के विशिष्ट नियमों व शर्तों के अधीन है। निवेश से पूर्व आधिकारिक पोर्टल पर नियमों का अध्ययन अवश्य करें। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है।
What's Your Reaction?