सुशासन की दिशा में राजस्थान की बड़ी पहल: 181 हेल्पलाइन पर अब 'रूट कॉज एनालिसिस' से होगा समस्याओं का स्थायी समाधान

Rajasthan Sampark 181 Inspection 2026: डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने किया 181 कंट्रोल रूम का निरीक्षण। जन आधार सुधार और ई-मित्रों के लिए नए निर्देश। जानें कैसे 97% शिकायतों का हुआ निस्तारण।

May 12, 2026 - 19:12
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सुशासन की दिशा में राजस्थान की बड़ी पहल: 181 हेल्पलाइन पर अब 'रूट कॉज एनालिसिस' से होगा समस्याओं का स्थायी समाधान
Rajasthan Sampark 181

जयपुर | 12 मई, 2026

राजस्थान में आमजन की समस्याओं के निस्तारण को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखकर उन्हें धरातल पर सुलझाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। इसी क्रम में शासन सचिव (आयोजना, सांख्यिकी एवं IT) डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने मंगलवार को 'राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181' कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य केंद्र जन आधार में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करना और ई-मित्रों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना रहा।

समस्या के अंत तक पहुँचने की रणनीति: 'रूट कॉज एनालिसिस'

डॉ. सुरपुर ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का केवल तात्कालिक निस्तारण (Disposal) काफी नहीं है। विभाग अब 'रूट कॉज एनालिसिस' (Root Cause Analysis) पद्धति पर काम कर रहा है।

डॉ. सुरपुर का विजन: "हम केवल यह नहीं देख रहे कि शिकायत बंद हुई या नहीं, बल्कि हम यह देख रहे हैं कि वह समस्या पैदा ही क्यों हुई। मूल कारण को पकड़कर हम व्यवस्था में ऐसे सुधार कर रहे हैं जिससे भविष्य में अन्य नागरिकों को वैसी परेशानी न हो। इससे न केवल सेवा की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि प्रशासन पर जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।"

जन आधार और ई-मित्रों के लिए नई गाइडलाइंस

निरीक्षण के दौरान जन आधार में नाम जुड़वाने, हटवाने या सुधार (Correction) के आवेदनों के रिजेक्ट होने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। इसके समाधान के लिए सचिव ने निम्नलिखित निर्देश दिए:

  1. नाम परिवर्तन प्रक्रिया का सरलीकरण: बच्चों के नाम बदलने की प्रक्रिया को इतना सरल बनाया जाए कि आम आदमी को भटकना न पड़े।

  2. ई-मित्रों को व्हाट्सएप से ट्रेनिंग: प्रदेश के सभी ई-मित्र संचालकों को व्हाट्सएप के माध्यम से नाम परिवर्तन की सही प्रक्रिया की जानकारी भेजी जाएगी, ताकि वे नागरिकों को सही मार्गदर्शन दे सकें।

  3. श्रेणी निर्धारण (Mapping): मृत्यु प्रमाण पत्र और पेंशन से जुड़ी शिकायतों के सही श्रेणी निर्धारण (Category Mapping) पर जोर दिया गया ताकि संबंधित फाइल सीधे सही अधिकारी तक पहुँचे।

कंट्रोल रूम में 'लाइव' समाधान: पंकज और श्यामलाल को मिली राहत

निरीक्षण के दौरान डॉ. सुरपुर और IT आयुक्त श्री हिमांशु गुप्ता ने सुशासन के संकल्प को चरितार्थ करते हुए मौके पर मौजूद परिवादियों से सीधा संवाद किया:

  • दिव्यांग भाई की मदद: परिवादी पंकज भट्ट अपने दिव्यांग भाई के आधार कार्ड और पेंशन के लिए परेशान थे, जिस पर अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए।

  • डेटा अपडेट: श्यामलाल के बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में आधार और मोबाइल नंबर अपडेट करने के मामले में तत्काल समाधान सुनिश्चित किया गया।

रिपोर्ट कार्ड: 97% निस्तारण दर के साथ आयोजना विभाग अव्वल

संपर्क पोर्टल के ताज़ा आंकड़े विभागों की सक्रियता को बयां करते हैं:

  • आयोजना एवं सांख्यिकी विभाग: पिछले एक साल में आए 83,337 मामलों में से 97% (81,075) का सफल निस्तारण किया गया। यहाँ शिकायतों के समाधान का औसत समय मात्र 14 दिन है।

  • IT एवं संचार विभाग: इस विभाग ने 96% की दर से 15,105 शिकायतों का निपटारा किया है, जिसमें औसतन 16 दिन का समय लगा।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद अब शासन सचिव स्तर के अधिकारी स्वयं 181 हेल्पलाइन पर बैठकर जनता की बात सुन रहे हैं। 'घर बैठे समाधान' की यह तकनीक राजस्थान को डिजिटल गवर्नेंस के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा कर रही है।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख राजस्थान सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी आधिकारिक गतिविधियों और निरीक्षण रिपोर्ट पर आधारित है। आंकड़ों और प्रक्रियाओं की नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक संपर्क पोर्टल (sampark.rajasthan.gov.in) पर जाएं।

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Bhupendra Singh Sonwal Bhupendra Singh Sonwal is a senior journalist and writer, he is also the founder of Mission Ki Awaaz, Bhupendra Singh Sonwal was born on 07 June 1997 in village Kanchroli, located near tehsil Hindaun City of Karauli district of Rajasthan.