Hormuz Crisis: पाकिस्तान पर मेहरबान हुआ ईरान; कतर से आ रहे LNG टैंकरों को दिया रास्ता, जानें क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह

Pakistan Energy Crisis 2026: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पाकिस्तानी LNG टैंकरों को दी मंजूरी। जानें क्यों कतर के गैस शिप 'मिहजेम' के लिए ईरान ने बदला अपना रुख और क्या है पाकिस्तान की मध्यस्थता।

May 11, 2026 - 23:08
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Hormuz Crisis: पाकिस्तान पर मेहरबान हुआ ईरान; कतर से आ रहे LNG टैंकरों को दिया रास्ता, जानें क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह
Iran Pakistan Relations

दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की किल्लत के बीच पाकिस्तान के लिए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से अच्छी खबर आ रही है। लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप (LSEG) के शिपिंग डेटा और रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कतर से चला एक विशाल LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) टैंकर 'मिहजेम' मंगलवार को कराची के कासिम पोर्ट पर पहुँचने वाला है। ईरान द्वारा दी गई इस विशेष अनुमति को क्षेत्रीय कूटनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

ईरान ने क्यों नरम किए अपने तेवर?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे संवेदनशील मार्ग है। मौजूदा तनाव के बावजूद ईरान द्वारा पाकिस्तानी टैंकरों को सुरक्षित रास्ता देने के पीछे कुछ प्रमुख कूटनीतिक कारण बताए जा रहे हैं:

  1. मध्यस्थ की भूमिका: सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच स्थायी शांति स्थापित करने के लिए एक 'मध्यस्थ' (Mediator) के रूप में सक्रिय है।

  2. कतर-ईरान संबंध: कतर के साथ अपने संबंधों और पाकिस्तान की तत्काल ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए ईरान ने इस खेप को मंजूरी दी है।

  3. द्विपक्षीय समझौता: हाल ही में ईरान और पाकिस्तान के बीच सीमित संख्या में एलएनजी टैंकरों को रास्ता देने के लिए एक विशेष समझौता हुआ है, ताकि पाकिस्तान में गहराते गैस संकट को कम किया जा सके।

टैंकरों की आवाजाही और क्षमता

  • टैंकर 'मिहजेम': 1,74,000 क्यूबिक मीटर क्षमता वाला यह टैंकर रास लफान पोर्ट से रवाना होकर आज (12 मई) पाकिस्तान पहुँचेगा।

  • अल खरैतियात: इससे पहले शनिवार (9 मई) को ईरान ने 'अल खरैतियात' नामक टैंकर को भी होर्मुज पार करने की इजाजत दी थी, जो रविवार को सुरक्षित निकल गया।

  • आगामी खेप: आने वाले दिनों में कतर से दो और टैंकरों के पाकिस्तान रवाना होने की उम्मीद है।

पाकिस्तान के लिए क्यों जरूरी है यह सप्लाई?

पाकिस्तान अपनी गैस जरूरतों के लिए मुख्य रूप से कतर पर निर्भर है। कतर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LNG निर्यातक है। होर्मुज में तनाव के कारण सप्लाई रुकने से पाकिस्तान में बिजली उत्पादन और औद्योगिक इकाइयां ठप होने की कगार पर थीं। ईरान की इस 'मेहरबानी' ने फिलहाल पाकिस्तान को एक बड़े ब्लैकआउट से बचा लिया है।


निष्कर्ष

ईरान का यह कदम केवल ऊर्जा आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत देता है कि मुश्किल वक्त में वह पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भविष्य में इस रूट की सुरक्षा पर सवालिया निशान जरूर खड़े करता है।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय शिपिंग डेटा, रॉयटर्स और अन्य विश्वसनीय समाचार एजेंसियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। मिडिल ईस्ट की स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए ऊर्जा आपूर्ति और कूटनीतिक समझौतों में बदलाव संभव है। हमारा उद्देश्य पाठकों को केवल वर्तमान घटनाओं की जानकारी देना है।


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Bhupendra Singh Sonwal Bhupendra Singh Sonwal is a senior journalist and writer, he is also the founder of Mission Ki Awaaz, Bhupendra Singh Sonwal was born on 07 June 1997 in village Kanchroli, located near tehsil Hindaun City of Karauli district of Rajasthan.