रतिया में डॉ. अंबेडकर प्रतिमा के साथ बर्बरता: संविधान की प्रस्तावना फाड़ी, चश्मा तोड़ा; पुलिस ने दर्ज किया मामला
Ratnagarh News: हरियाणा के रतिया में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़। संविधान की प्रस्तावना फाड़ी गई और चश्मा तोड़ा गया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया।
हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रतिया शहर में स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल के परिसर में स्थापित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। इस कृत्य के विरोध में स्थानीय 'सर्व समाज' और 'अंबेडकर सभा' ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
दो बार दोहराई गई घटना: समाज में आक्रोश
हैरानी की बात यह है कि यह घटना एक ही स्थान पर दो बार घटित हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है:
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पहली घटना (26-27 अप्रैल): अप्रैल के अंत में अज्ञात तत्वों ने प्रतिमा पर लगा चश्मा तोड़ दिया था और वहां गंदगी फैलाई थी। उस समय सामाजिक संगठनों ने शांति बनाए रखते हुए प्रतिमा की सफाई की और चश्मा दोबारा लगवा दिया था।
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दूसरी घटना (9-10 मई): असामाजिक तत्वों ने एक बार फिर उसी प्रतिमा को निशाना बनाया। इस बार न केवल चश्मा तोड़ा गया, बल्कि वहां लगे भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) के बोर्ड को भी फाड़ दिया गया।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस जांच
वार्ड नंबर 4 के निवासी प्रेम सिंह और डॉ. भीमराव अंबेडकर सभा रतिया के पदाधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामला दर्ज कर लिया है।
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पुलिस का बयान: रतिया पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि वे आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि दोषियों की पहचान की जा सके।
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साजिश की आशंका: शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह कृत्य केवल शरारत नहीं, बल्कि समाज में वैमनस्य और अशांति फैलाने की एक सोची-समझी साजिश है।
सुरक्षा बढ़ाने की मांग
इस घटना के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थलों और स्कूल परिसरों में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
निष्कर्ष
महापुरुषों की प्रतिमाओं और संवैधानिक प्रतीकों का अपमान सीधे तौर पर देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार है। रतिया की इस घटना ने प्रशासन के सुरक्षा दावों पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय समाज अब दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट प्राप्त समाचार विवरणों और पुलिस में दर्ज शिकायत पर आधारित है। लेख का उद्देश्य सूचना प्रदान करना है और यह किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक या सामाजिक तनाव का समर्थन नहीं करता है। तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही संभव है।
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