कतर-ईरान-पाकिस्तान त्रिपक्षीय तालमेल: दूसरा कतरी LNG टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर पाकिस्तान की ओर रवाना

Qatar-Pakistan LNG Deal: ईरान की मंजूरी के बाद दूसरा कतरी टैंकर 'मिहज़म' होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर पाकिस्तान के लिए रवाना। जानें पाकिस्तान के गैस संकट और इस त्रिपक्षीय समझौते के बारे में।

May 11, 2026 - 20:01
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कतर-ईरान-पाकिस्तान त्रिपक्षीय तालमेल: दूसरा कतरी LNG टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर पाकिस्तान की ओर रवाना
Global Gas Supply

दुबई/इस्लामाबाद | 11 मई, 2026

क्षेत्रीय संघर्षों के कारण उत्पन्न अनिश्चितता के बीच, कतर से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) लेकर निकला दूसरा टैंकर 'मिहज़म' (Mihzem) सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गया है। ईरान और पाकिस्तान के बीच हुए एक विशेष समझौते के तहत इस जहाज को सुरक्षित रास्ता दिया गया है, जो इस रणनीतिक जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

शिपिंग डेटा (LSEG) के अनुसार, 1,74,000 घन मीटर क्षमता वाला टैंकर 'मिहज़म' कतर के रास लफान बंदरगाह से रवाना हुआ है। यह टैंकर उत्तर-पूर्वी दिशा में पाकिस्तान के 'पोर्ट कासिम' की ओर बढ़ रहा है, जहाँ इसके 12 मई तक पहुँचने की उम्मीद है।

यह पिछले कुछ दिनों में दूसरा मौका है जब किसी कतरी टैंकर ने इस युद्धग्रस्त क्षेत्र से सुरक्षित पारगमन किया है। इससे पहले शनिवार को 'अल खरैतियात' (Al Kharaitiyat) नामक टैंकर ने ईरानी अधिकारियों द्वारा अनुमोदित उत्तरी मार्ग का उपयोग करते हुए इस क्षेत्र को पार किया था।

पाकिस्तान और ईरान की कूटनीतिक भूमिका

पाकिस्तान वर्तमान में गैस की भारी किल्लत से जूझ रहा है और उसने इस संकट को सुलझाने के लिए ईरान के साथ उच्च स्तरीय बातचीत की है।

  • मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान: पाकिस्तान इस युद्ध में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इसी के चलते ईरान ने 'विश्वास बहाली' (Confidence Building) के उपाय के रूप में कतरी गैस ले जाने वाले टैंकरों को रास्ता देने पर सहमति जताई है।

  • सरकारी समझौता (G2G): यह एलएनजी आपूर्ति कतर और पाकिस्तान के बीच हुए सरकारी समझौते के तहत की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में दो और टैंकरों के इसी मार्ग से पाकिस्तान पहुँचने की संभावना है।

जलमार्ग में बढ़ते जोखिम और परिचालन संवेदनशीलता

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस पारगमन बिंदु है। हालिया संघर्षों के कारण यहाँ जोखिम काफी बढ़ गया है।

  • ट्रैकिंग सिग्नल: हाल ही में यूएई (UAE) की कंपनी एडनॉक (ADNOC) ने भी अपने दो टैंकरों को इसी मार्ग से भेजा था, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनके ट्रैकिंग सिग्नल बंद कर दिए गए थे।

  • कतर की निर्यात क्षमता: कतर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी निर्यातक है। हालांकि, हालिया हमलों के कारण कतर की निर्यात क्षमता का लगभग 17% हिस्सा प्रभावित हुआ है, जिसे पूरी तरह ठीक होने में 3 से 5 साल लग सकते हैं।


निष्कर्ष

ईरान द्वारा कतरी जहाजों को रास्ता देना यह दर्शाता है कि ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर कूटनीति अभी भी प्रभावी है। पाकिस्तान के लिए यह राहत की बात है, क्योंकि यह आपूर्ति उसके घरेलू गैस संकट को कम करने में मददगार साबित होगी। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग पर सुरक्षा अभी भी 'केस-टू-केस' (Case-by-case) आधार पर ही तय की जा रही है।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग डेटा और सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। क्षेत्रीय संघर्ष और कूटनीतिक वार्ताओं के कारण जहाजों के आगमन और मार्ग में परिवर्तन हो सकता है। यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है।


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Bhupendra Singh Sonwal Bhupendra Singh Sonwal is a senior journalist and writer, he is also the founder of Mission Ki Awaaz, Bhupendra Singh Sonwal was born on 07 June 1997 in village Kanchroli, located near tehsil Hindaun City of Karauli district of Rajasthan.