🕒 27 June 2026, Saturday
राजस्थान

करौली: कलेक्ट्रेट में साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न; बजट घोषणाओं में देरी पर कलक्टर सख्त, 2 अधिकारियों को नोटिस

Karauli News: जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने ली समीक्षा बैठक। बजट घोषणाओं और जनसुनवाई प्रकरणों में देरी पर 2 अधिकारियों को नोटिस। पेयजल और बिजली आपूर्ति सुधारने के निर्देश।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 11 May 2026 👁️ 69 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
करौली: कलेक्ट्रेट में साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न; बजट घोषणाओं में देरी पर कलक्टर सख्त, 2 अधिकारियों को नोटिस

करौली जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला कलक्टर अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की बजट घोषणाओं, जनसुनवाई प्रकरणों और आमजन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निस्तारण की प्रगति जांचना था।

लापरवाही पर सख्त एक्शन: दो अधिकारियों को नोटिस

बैठक के दौरान कार्यों के प्रति गंभीरता न दिखाने वाले अधिकारियों पर गाज गिरी।

  • अनुपस्थिति पर कार्रवाई: वन विभाग के एसीएफ राहुल मीना के बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर उन्हें 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी करने के निर्देश दिए गए।

  • कार्य में ढिलाई: महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अनिरुद्ध शर्मा को कार्यों में लापरवाही बरतने के लिए जवाब-तलब किया गया है।

विकास कार्यों और जन शिकायतों पर फोकस

कलक्टर अक्षय गोदारा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सम्पर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री कार्यालय और लोकायुक्त कार्यालय से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता के साथ किया जाए।

  • पेयजल और बिजली: भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल सप्लाई निर्बाध रखने, हैंडपंप सुधारने और बिजली के ढीले तारों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए।

  • सड़क निर्माण: सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को सड़कों से संबंधित लंबित प्रोजेक्ट्स को समय सीमा में पूरा करने की हिदायत दी गई।

  • डिजिटलीकरण (E-File): प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी फाइलें ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से प्रोसेस करने पर जोर दिया गया।

बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिड़वाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमनाराम, डीएफओ पीयूष शर्मा, सहायक निदेशक (DIPR) धर्मेन्द्र मीना सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


निष्कर्ष

जिला प्रशासन की इस बैठक से साफ संदेश गया है कि जनहित के कार्यों में देरी करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 90 दिनों से अधिक लंबित चल रहे प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश, करौली जिले में प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, करौली द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट पर आधारित है। योजनाओं की विस्तृत जानकारी और आधिकारिक आंकड़ों के लिए संबंधित सरकारी विभाग से संपर्क करें।


« पिछली ख़बर रौंशी में जाटव समाज की तहसील स्तरीय बैठक आयोजित, सेवानिवृत्त... अगली ख़बर » करौली: 'ग्राम रथ' से गांव-गांव पहुंचेगी सरकारी योजनाएं; लोक ...
Author
संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

टिप्पणियां (0)

अपनी राय दें

🔔

मिशन की आवाज़

ताज़ा ख़बरों और हर बड़ी अपडेट का अलर्ट सीधे अपने इनबॉक्स में पाने के लिए अपनी ईमेल डालें।

नहीं, धन्यवाद / स्किप करें