राजस्थान सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना: प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने किया जोधपुर के एमडीएम (MDM) अस्पताल का औचक निरीक्षण

May 18, 2026 - 18:51
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राजस्थान सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना: प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने किया जोधपुर के एमडीएम (MDM) अस्पताल का औचक निरीक्षण

जोधपुर | 18 मई 2026

राजस्थान सरकार की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य नीति के तहत अस्पतालों में रोगी कल्याण और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर औचक निरीक्षण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने सोमवार, 18 मई 2026 को जोधपुर के सुप्रसिद्ध मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा परिसर में ओपीडी (OPD) प्रबंधन, ट्रॉमा केयर, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और सरकारी योजनाओं के तहत मिल रहे निःशुल्क उपचार की जमीनी हकीकत का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक दिशा-निर्देश जारी किए।


फील्ड विजिट: गंभीर मरीजों से संवाद और स्वास्थ्य विंग्स की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान प्रमुख शासन सचिव ने अस्पताल के अति-संवेदनशील और व्यस्त हिस्सों का सघन दौरा किया। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख इकाइयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की:

  • इमरजेंसी और क्रिटिकल विंग्स: ट्रॉमा सेंटर, आपातकालीन विभाग (Emergency), आईसीयू-डी (ICU-D) रेड जोन, ट्रॉमा कैजुअल्टी वार्ड और मल्टी लेवल आईसीयू वार्ड।

  • डायग्नोस्टिक विंग्स: सीटी स्कैन (CT Scan) एवं एक्स-रे विंग।

वार्डों के अवलोकन के दौरान श्रीमती राठौड़ ने वहां भर्ती उपचाराधीन मरीजों और उनके साथ आए परिजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें मुख्यमंत्री निशुल्क दवा और जांच योजना का पूरा लाभ मिल रहा है, दवाओं के लिए बाहर तो नहीं भेजा जा रहा, और वार्डों में साफ-सफाई व नर्सिंग स्टाफ का व्यवहार कैसा है।


भीषण गर्मी से राहत: कूलिंग सिस्टम और ओपीडी भीड़ प्रबंधन पर कड़ा रुख

मारवाड़ क्षेत्र में जारी भीषण गर्मी और हीटवेव (Heatwave) के प्रकोप को देखते हुए प्रमुख शासन सचिव ने अस्पताल प्रशासन को विशेष संवेदनशीलता बरतने की हिदायत दी।

  1. कूलिंग और छायादार शेड्स: उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को लू से बचाने के लिए परिसर में सेंट्रलाइज्ड कूलिंग सिस्टम, वाटर कूलर के जरिए ठंडे पेयजल की उपलब्धता, प्रतीक्षा कक्षों में छायादार टेंट और बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था तुरंत सुदृढ़ की जाए।

  2. रजिस्ट्रेशन काउंटर्स का विस्तार: ओपीडी में पर्ची बनवाने के लिए मरीजों की लंबी कतारों पर चिंता व्यक्त करते हुए सचिव ने कहा कि मरीजों के समय की बचत के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त डिजिटल रजिस्ट्रेशन काउंटर तत्काल संचालित किए जाएं ताकि प्रभावी भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) सुनिश्चित हो सके।


ट्रॉमा सेवाओं का आधुनिकीकरण और मानव संसाधन का विस्तार

जोधपुर संभाग का सबसे बड़ा केंद्र होने के कारण एमडीएम अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाओं और क्रिटिकल एक्सीडेंटल केस (ट्रॉमा) के मरीज आते हैं। श्रीमती राठौड़ ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन चिकित्सा अवसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुसार अपग्रेड किया जाना आवश्यक है। उन्होंने लंबित विकासात्मक परियोजनाओं को समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता से पूर्ण करने तथा ट्रॉमा विंग में अतिरिक्त कुशल मानव संसाधन (Manpower) की तैनाती करने के निर्देश दिए।


निःशुल्क चिकित्सा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और 'स्पॉट परचेज' की छूट

निरीक्षण के उपरांत मीडिया से औपचारिक बातचीत करते हुए प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने राज्य सरकार के लोक कल्याणकारी विजन को दोहराया। उन्होंने कहा:

सचिव का आधिकारिक वक्तव्य: "राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों में आने वाले प्रत्येक नागरिक को पूरी तरह निःशुल्क दवा, निःशुल्क नैदानिक जांचें (Diagnostics) और अत्याधुनिक निःशुल्क ऑपरेशन की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विधिक रूप से प्रतिबद्ध है। यदि किसी भी स्तर पर किसी अधिकारी या कार्मिक द्वारा लापरवाही बरतने या मरीजों को दवा बाहर से लिखने की शिकायत प्रमाणित पाई गई, तो संबंधित के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।"

उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा संसाधनों की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों और संबंद्ध अस्पतालों को 'स्पॉट परचेज' (तत्काल ऑन-स्पॉट खरीद) की वित्तीय शक्तियां दी गई हैं। इससे स्थानीय स्तर पर संसाधनों की कमी को तुरंत दूर किया जा सकेगा और मरीजों के परिवारों पर कोई भी अनपेक्षित आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। संभागीय अस्पतालों में बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ और तकनीशियनों की भर्ती प्रक्रिया पर भी कार्य जारी है।

इस उच्च स्तरीय प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान जोधपुर के जिला कलेक्टर श्री आलोक रंजन, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं कंट्रोलर श्री बी.एस. जोधा, एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, चिकित्सा अवसंरचना और प्रशासनिक निरीक्षण से संबंधित समाचार समीक्षा रिपोर्ट जनहित में सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। इस लेख में वर्णित निरीक्षण स्थल, स्वास्थ्य इकाइयों के नाम, प्रशासनिक निर्देश और विभागीय नीतियां 18 मई 2026 को स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक ब्रीफिंग और फील्ड दौरों के वास्तविक तथ्यों पर आधारित हैं। निशुल्क स्वास्थ्य योजनाओं की विनियामक गाइडलाइंस, पात्रता मापदंडों या आपातकालीन चिकित्सा हेल्पलाइन नंबरों की प्रमाणित आधिकारिक जानकारी के लिए चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राजस्थान सरकार के आधिकारिक वेब पोर्टल का ही अवलोकन करें।

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