बाजना खुर्द: शिक्षा की अलख जगा रहा है डॉ अम्बेडकर समाज सेवा कर्मचारी संगठन, अनाथ बच्चों को बांटी शैक्षिक किट

बाजना खुर्द में डॉ अम्बेडकर समाज सेवा कर्मचारी संगठन द्वारा अनाथ बच्चों को मुफ्त शैक्षिक किट बांटी गई। जानें कैसे सेवानिवृत्त व्याख्याता लक्ष्मण प्रसाद बौद्ध बाबा साहब के 'पे बैक टू सोसायटी' मिशन को साकार कर रहे हैं।

May 11, 2026 - 19:30
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बाजना खुर्द: शिक्षा की अलख जगा रहा है डॉ अम्बेडकर समाज सेवा कर्मचारी संगठन, अनाथ बच्चों को बांटी शैक्षिक किट
Dr. Ambedkar Employees Organization

बाजना खुर्द (करौली) | 11 मई 2026

शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पियेगा वह दहाड़ेगा—बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के इसी विचार को धरातल पर उतारते हुए आज बाजना खुर्द में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। डॉ. अम्बेडकर समाज सेवा कर्मचारी संगठन द्वारा क्षेत्र के असहाय और अनाथ बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए निःशुल्क शैक्षिक किट का वितरण किया गया।

'पे बैक टू सोसायटी' का जीवंत उदाहरण जाटव समाज के प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत ने कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि समाज की उन्नति का एकमात्र मार्ग शिक्षा है। उन्होंने विशेष रूप से सेवानिवृत्त व्याख्याता लक्ष्मण प्रसाद बौद्ध के प्रयासों की सराहना की। लक्ष्मण प्रसाद बौद्ध न केवल इस वितरण कार्यक्रम का हिस्सा रहे, बल्कि वे वर्तमान में बाजना खुर्द के अनाथ और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रतिदिन निःशुल्क कोचिंग और अध्यापन सेवा दे रहे हैं।

लक्ष्मण प्रसाद जी का यह कदम बाबा साहब के 'पे बैक टू सोसायटी' (समाज को वापस लौटाना) के सिद्धांत का जीवंत उदाहरण है। एक उच्च पद से सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी सुख-सुविधाओं को छोड़कर समाज के वंचित बच्चों के बीच समय बिताना यह दर्शाता है कि अनुभव और विशेषज्ञता का सही उपयोग कैसे किया जा सकता है।

सामुदायिक विकास के लिए एक संदेश इस कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर दिया कि समाज के हर सक्षम और सेवानिवृत्त कर्मचारी या अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। यदि हर बस्ती में एक सेवानिवृत्त व्यक्ति अपने ज्ञान का दान देना शुरू कर दे, तो वह दिन दूर नहीं जब कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में अशिक्षित नहीं रहेगा।

लक्ष्मण प्रसाद बौद्ध सामाजिक गतिविधियों में भी सदैव अग्रणी रहते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान के साथ जीने का जरिया है। संगठन द्वारा बांटी गई इस शैक्षिक किट में स्कूल बैग, कॉपियाँ, पेन और अन्य जरूरी शिक्षण सामग्री शामिल थी, जिसे पाकर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी।

निष्कर्ष आज का यह कार्यक्रम केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह हमें याद दिलाता है कि सामूहिक प्रयास और व्यक्तिगत समर्पण से हम एक न्यायपूर्ण और शिक्षित समाज की नींव रख सकते हैं।


Disclaimer: यह लेख उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। किसी भी विसंगति के लिए संबंधित संगठन से संपर्क करें।



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Bhupendra Singh Sonwal Bhupendra Singh Sonwal is a senior journalist and writer, he is also the founder of Mission Ki Awaaz, Bhupendra Singh Sonwal was born on 07 June 1997 in village Kanchroli, located near tehsil Hindaun City of Karauli district of Rajasthan.