सावधान! अशोक खरात MMS और '19 मिनट वायरल वीडियो' के लिंक खाली कर सकते हैं आपका बैंक खाता, जानें क्या है पूरा मामला

नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात MMS मामले में पुलिस जांच के बीच साइबर अपराधियों ने बिछाया जाल। 19 मिनट के वायरल वीडियो लिंक पर क्लिक करने से आपका बैंक खाता खाली हो सकता है। जानें साइबर सुरक्षा के नियम।

May 15, 2026 - 13:00
May 15, 2026 - 13:23
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सावधान! अशोक खरात MMS और '19 मिनट वायरल वीडियो' के लिंक खाली कर सकते हैं आपका बैंक खाता, जानें क्या है पूरा मामला
viral ashok kharat

महाराष्ट्र के नासिक में ज्योतिषी अशोक खरात से जुड़ा कथित वायरल MMS मामला इस समय देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल केस ने तब और तूल पकड़ लिया जब छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में वीडियो बरामद होने की खबरें आईं। हालांकि, इस सनसनीखेज मामले की आड़ में साइबर अपराधी अब आम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

छापेमारी में क्या मिला? पुलिस जांच जारी

जांच एजेंसियों के अनुसार, अशोक खरात के कार्यालय और ठिकानों पर की गई गहन तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, हार्ड ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। सूत्रों का दावा है कि पुलिस को करीब 58 से 100 के बीच वीडियो मिले हैं। वर्तमान में, पुलिस इन वीडियो की वास्तविकता और उनके स्रोत की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मामले में और कितने लोग प्रभावित हुए हैं।

साइबर फ्रॉड का नया जाल: 'वायरल लिंक' से बचें

जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर "फुल वीडियो लिंक" देने के दावे वाले संदेशों की बाढ़ आ गई है। साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि:

  • फिशिंग अटैक: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 19 मिनट 34 सेकंड के वीडियो या MMS के लिंक अक्सर फर्जी होते हैं।

  • मैलवेयर का खतरा: इन संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करते ही आपके फोन या कंप्यूटर में वायरस (Malware) डाउनलोड हो सकता है, जिससे आपका बैंक खाता खाली होने का खतरा रहता है।

  • निजी डेटा चोरी: ये लिंक आपकी निजी जानकारी, पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स चुराने के उद्देश्य से फैलाए जा रहे हैं।

क्या ऐसी सामग्री सर्च करना अपराध है?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में किसी की निजी या अश्लील सामग्री को बिना अनुमति के देखना, डाउनलोड करना या प्रसारित करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 के तहत गंभीर अपराध है।

  • धारा 67 और 67A: इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर 3 से 5 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

विशेषज्ञों की सलाह

साइबर क्राइम सेल ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, विशेषकर जो सनसनीखेज वीडियो दिखाने का दावा करते हों। जिज्ञासा के वश में आकर अपनी वित्तीय सुरक्षा और व्यक्तिगत डेटा को जोखिम में न डालें।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। हम इन दावों की सत्यता या वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करते हैं। किसी भी कानूनी या साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी विभाग से संपर्क करें। यह लेख केवल जन-जागरूकता और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है।


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