पीएमजीएसवाई के 25 साल: राजस्थान ग्रामीण सड़क नेटवर्क में देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य; चौथे चरण में मिली 1,216 नई सड़कें
PMGSY 25 Years Rajasthan: राजस्थान बना सर्वाधिक सड़क लंबाई वाला देश का दूसरा राज्य। चौथे चरण में मिली 1216 नई सड़कें। जानें प्रदेश के ग्रामीण सड़क नेटवर्क की पूरी रिपोर्ट।
जयपुर | 12 मई, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सशक्त गांव, विकसित भारत’ के संकल्प को राजस्थान सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के रजत जयंती वर्ष में राजस्थान को सड़क निर्माण की लंबाई के लिए देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।
चौथे चरण (PMGSY-IV) में राजस्थान का दबदबा
केंद्र सरकार ने योजना के चौथे चरण (2024-25 से 2028-29) के लिए देश भर में 70,125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राजस्थान इस चरण में बाजी मारता दिख रहा है:
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सर्वाधिक सड़कें: चौथे चरण में देश भर में स्वीकृत 4,795 सड़कों में से अकेले राजस्थान को 1,216 सड़कों की स्वीकृति मिली है, जो किसी भी राज्य की तुलना में सर्वाधिक है।
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लंबाई में दूसरा स्थान: स्वीकृत सड़क लंबाई (3,219 किमी) के मामले में राजस्थान, जम्मू-कश्मीर के बाद देश में दूसरे पायदान पर है।
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बजट: इस चरण के लिए प्रदेश को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया गया है।
तीसरा चरण: मार्च 2028 तक बढ़ा विस्तार
योजना के तीसरे चरण ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कृषि मंडियों और स्कूलों से जोड़कर एक मजबूत नेटवर्क प्रदान किया है:
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उपलब्धि: प्रदेश में 8,584 किमी की 912 सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
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अवधि विस्तार: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस चरण की समय-सीमा को मार्च 2025 से बढ़ाकर मार्च 2028 कर दिया है, ताकि शेष लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा किया जा सके।
पीएम-जनमन: बारां के जनजातीय क्षेत्रों को सौगात
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के लिए शुरू की गई पीएम-जनमन योजना के तहत राजस्थान के बारां जिले में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं:
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बारां के शाहबाद और किशनगंज ब्लॉक में 43 किलोमीटर लंबी 14 सड़कों का निर्माण पूरा कर सहरिया जनजाति की बस्तियों को मुख्य धारा से जोड़ा गया है।
सम्मान और रैंकिंग
हाल ही में मध्य प्रदेश के सीहोर में आयोजित रजत जयंती समारोह में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान को दो श्रेणियों में सम्मानित किया:
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सर्वाधिक सड़क लंबाई (75,868 किमी): देश में द्वितीय स्थान।
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गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control): राजस्थान और तमिलनाडु संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर।
निष्कर्ष: 25 वर्षों का सफर
वर्ष 2000 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई इस योजना ने राजस्थान के रेगिस्तानी और सुदूर ग्रामीण अंचलों की तस्वीर बदल दी है। प्रदेश में अब तक 18,131 कार्यों के माध्यम से 75,868 किलोमीटर सड़कों का जाल बिछाया जा चुका है, जो 'ऑल वेदर' कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख राजस्थान सरकार के जनसंपर्क विभाग और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों और प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।
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