थलापति विजय का राज्याभिषेक: आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे जोसेफ विजय, 1967 के बाद पहली बार टूटा द्रविड़ दलों का किला

तमिलनाडु में आज 'थलापति' जोसेफ विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। जानिए कैसे टीवीके (TVK) ने 1967 के बाद द्रविड़ दलों का वर्चस्व तोड़ते हुए 120 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई।

May 10, 2026 - 09:08
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थलापति विजय का राज्याभिषेक: आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे जोसेफ विजय, 1967 के बाद पहली बार टूटा द्रविड़ दलों का किला
Joseph Vijay Oath Ceremony Tamil Nadu CM

चेन्नई: दक्षिण भारतीय राजनीति के इतिहास में आज का दिन यानी 10 मई 2026, सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। सुपरस्टार से राजनेता बने 'थलापति' जोसेफ विजय आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह न केवल उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है, बल्कि तमिलनाडु की उस 59 साल पुरानी राजनीतिक परंपरा का अंत भी है, जहां सत्ता केवल डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के बीच घूमती रहती थी। चेन्नई का जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। सुबह 10 बजे होने वाले इस समारोह के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे राज्य से समर्थकों का हुजूम राजधानी में उमड़ पड़ा है।

चुनावी नतीजों से शपथ ग्रहण तक का सफर

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को संपन्न हुए थे और 4 मई को आए नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया। अपनी पहली ही चुनावी पारी में विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने 108 सीटों पर जीत दर्ज कर एक नया रिकॉर्ड बनाया। हालांकि, 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता थी। टीवीके (TVK) बहुमत से मात्र 10 सीट दूर थी, जिसके बाद राजनीतिक अनिश्चितता का दौर शुरू हुआ।

सस्पेंस तब खत्म हुआ जब शनिवार को टीवीके प्रमुख ने राजभवन (Lok Bhavan) जाकर राज्यपाल से मुलाकात की। विजय ने राज्यपाल को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), सीपीआई, सीपीआई (एम), वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) का समर्थन पत्र सौंपा। इन सहयोगी दलों के साथ अब विजय के पास कुल 120 विधायकों का मजबूत समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े से दो अधिक है। राज्यपाल ने विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए उन्हें 13 मई तक सदन में विश्वास मत हासिल करने का निर्देश दिया है।

एक नए युग की शुरुआत: 1967 के बाद बड़ा बदलाव

तमिलनाडु की राजनीति 1967 से ही द्रविड़ विचारधारा के दो बड़े स्तंभों—डीएमके और एआईएडीएमके—के इर्द-गिर्द सिमटी हुई थी। जोसेफ विजय अब राज्य के ऐसे पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं, जो इन दोनों पारंपरिक गुटों से बाहर के हैं। सिनेमाई पर्दे पर 'थलापति' (सेनापति) के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले विजय ने राजनीति में भी वही करिश्मा कर दिखाया है। उनकी पार्टी ने खुद को 'तीसरे विकल्प' के रूप में पेश किया और जनता ने उनके 'सामाजिक न्याय' और 'भ्रष्टाचार मुक्त' प्रशासन के वादे पर भरोसा जताया।

विजय ने वैचारिक रूप से खुद को पेरियार और बाबासाहेब अंबेडकर का अनुयायी बताया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी राजनीति समावेशी होगी। शपथ ग्रहण के बाद उनकी पहली चुनौती 13 मई को बहुमत साबित करना और फिर राज्य की नौकरशाही व अर्थव्यवस्था को अपनी नई विजन के अनुसार ढालना होगा।

विधानसभा की नई तस्वीर: पार्टियों का गणित

इस चुनाव ने तमिलनाडु विधानसभा की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। टीवीके (TVK) 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं, राज्य की सत्ता पर लंबे समय तक काबिज रहने वाली डीएमके (DMK) 59 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गई है। एआईएडीएमके (AIADMK) को 47 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। अन्य प्रमुख दलों में कांग्रेस ने 5, पीएमके ने 4, और वीसीके, सीपीआई, सीपीआई (एम) व आईयूएमएल ने 2-2 सीटों पर जीत हासिल की है। बीजेपी और डीएमडीके को केवल 1-1 सीट मिली है।

यह आंकड़े बताते हैं कि तमिलनाडु की जनता ने पारंपरिक ध्रुवीकरण को नकारते हुए एक नए नेतृत्व को मौका दिया है। विजय के गठबंधन में शामिल दलों का समर्थन यह सुनिश्चित करता है कि उनके पास एक स्थिर सरकार चलाने के लिए पर्याप्त संख्या बल है।

शपथ ग्रहण समारोह और भव्य तैयारियां

चेन्नई का नेहरू स्टेडियम आज सुबह से ही 'थलापति' के नारों से गूंज रहा है। समारोह में कई राज्यों के मुख्यमंत्री, फिल्मी जगत की दिग्गज हस्तियां और राष्ट्रीय स्तर के राजनेता शामिल हो रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस समारोह के विशेष अतिथि हैं, जो विजय की सरकार को मिलने वाले कांग्रेस के समर्थन को मजबूती प्रदान करते हैं।

विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता था, लेकिन नियमों के अनुसार वे अब एक सीट से इस्तीफा देंगे। उनके प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि जिस तरह उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए समाज की समस्याओं को उठाया, अब एक मुख्यमंत्री के तौर पर वे उन समस्याओं का समाधान धरातल पर करेंगे। आज सुबह 10 बजे का समय तमिलनाडु के लिए न केवल एक शपथ ग्रहण है, बल्कि एक नई राजनीतिक उम्मीद का उदय भी है।

Disclaimer: यह लेख तमिलनाडु की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, विधानसभा चुनाव परिणामों और थलापति विजय के शपथ ग्रहण समारोह की रिपोर्टिंग पर आधारित है। लेख में दिए गए आंकड़े और घटनाक्रम आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों और समाचार एजेंसियों से लिए गए हैं। किसी भी प्रशासनिक निर्णय या आधिकारिक पुष्टि के लिए तमिलनाडु सरकार और राजभवन के आधिकारिक पोर्टलों का संदर्भ लें।

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Bhupendra Singh Sonwal Bhupendra Singh Sonwal is a senior journalist and writer, he is also the founder of Mission Ki Awaaz, Bhupendra Singh Sonwal was born on 07 June 1997 in village Kanchroli, located near tehsil Hindaun City of Karauli district of Rajasthan.