श्रीगंगानगर: दलित अधिकारी से मारपीट का आरोप, विधायक के खिलाफ FIR की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

श्रीगंगानगर विधायक जयदीप बिहानी पर दलित अधिकारी जगन लाल बैरवा से मारपीट का आरोप। एफआईआर दर्ज न होने पर राजस्थान में प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी। जानें पूरा मामला।

May 12, 2026 - 09:32
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श्रीगंगानगर: दलित अधिकारी से मारपीट का आरोप, विधायक के खिलाफ FIR की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक सरकारी अधिकारी और निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ कथित तौर पर हुई बर्बर मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। श्रीगंगानगर विधायक जयदीप बिहानी पर आरोप है कि उन्होंने एक मीटिंग के दौरान सहायक अभियंता (AEN) और अन्य कर्मियों के साथ मारपीट की। अब इस मामले में दलित समाज और विभिन्न संगठनों ने 48 घंटे के भीतर कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

क्या है पूरा घटनाक्रम?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 30 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है। आरोप है कि विधायक जयदीप बिहानी ने एस डी बिहानी कॉलेज स्थित विधायक सेवा केंद्र पर एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में RUIDP के सहायक अभियंता जगन लाल बैरवा, शहनवाज हसन और एलएंडटी के प्रतिनिधि सोहम परमार शामिल हुए थे।

शिकायत के मुताबिक, वहां विधायक और उनके समर्थकों ने अधिकारियों के साथ मारपीट की। आरोप है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि एईएन जगन लाल बैरवा की एक आंख की रोशनी चली गई और उनके पैर का अंगूठा टूट गया। इसके अलावा, जातिसूचक गालियां देने और साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल छीनने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

प्रेस नोट के माध्यम से जारी जानकारी में बताया गया कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस (जवाहर नगर थाना) ने पीड़ितों की शिकायत सुनने के बजाय उन पर ही शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया। 1 मई को जमानत पर बाहर आने के बाद अधिकारी ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को अपनी आपबीती सुनाई, लेकिन अभी तक इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है।

प्रमुख मांगें और अल्टीमेटम

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के पूर्व प्रदेश सचिव रिंकू कुमार जाटव ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. तत्काल FIR: भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हो।

  2. उच्च स्तरीय जांच: जांच CID-CB से कराई जाए और इसकी निगरानी ADG स्तर के अधिकारी करें।

  3. फुटेज की जब्ती: विधायक सेवा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज तुरंत कब्जे में लिए जाएं।

  4. पुलिस पर कार्रवाई: थानाधिकारी जवाहर नगर की भूमिका की जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाए।

आंदोलन की चेतावनी

विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि पूर्व में बाड़ी विधायक प्रकरण जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति लोकतंत्र के लिए घातक है। चेतावनी दी गई है कि यदि 48 घंटे के भीतर निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो पूरे राजस्थान में अनुसूचित जाति समुदाय सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति और सामाजिक संगठनों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। इस मामले में अभी तक विधायक या पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। जांच के बाद ही तथ्यों की पुष्टि संभव है।


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Bhupendra Singh Sonwal Bhupendra Singh Sonwal is a senior journalist and writer, he is also the founder of Mission Ki Awaaz, Bhupendra Singh Sonwal was born on 07 June 1997 in village Kanchroli, located near tehsil Hindaun City of Karauli district of Rajasthan.