RPSC की बड़ी कार्रवाई: स्कूल लेक्चरर भर्ती में डमी कैंडिडेट बैठाने वाला आयोग का लिपिक गिरफ्तार; सचिव की रिपोर्ट पर SOG का एक्शन
RPSC Dummy Candidate Case: स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले आयोग के लिपिक को SOG ने गिरफ्तार किया। जानें कैसे पकड़ा गया यह बड़ा घोटाला।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने परीक्षाओं की शुचिता भंग करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अपने ही विभाग के एक कर्मचारी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाने और दस्तावेजों में हेराफेरी करने के मामले में एसओजी (SOG) ने आयोग के लिपिक मानसिंह मीणा को गिरफ्तार किया है।
आयोग ने खुद उजागर किया फर्जीवाड़ा
यह मामला तब प्रकाश में आया जब आयोग ने संदिग्ध दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
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डमी कैंडिडेट: अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा (रोल नंबर 730447) ने इतिहास विषय की परीक्षा के दौरान उपस्थिति पत्रक (Attendance Sheet) पर अपनी फोटो की जगह डमी कैंडिडेट की फोटो लगाई थी।
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दस्तावेजों में हेरफेर: आरोपी ने हस्ताक्षर और जन्मतिथि बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।
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रैंक हासिल की: इस धोखाधड़ी के माध्यम से अभ्यर्थी ने मुख्य चयन सूची में 569वीं रैंक भी प्राप्त कर ली थी, लेकिन नियुक्ति से पहले ही आयोग ने उसे पकड़ लिया।
आयोग के कर्मचारी की मिलीभगत
जांच में यह सामने आया कि करौली निवासी मानसिंह मीणा, जो आयोग में कनिष्ठ लिपिक (LDC) के पद पर कार्यरत था, इस पूरे षड्यंत्र में शामिल था। मानसिंह और अभ्यर्थी राजेश मीणा आपस में परिचित थे और मानसिंह ने ही इस अपराध को अंजाम देने में तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग किया था।
परीक्षा केंद्रों का विवरण
आरोपी ने जयपुर के निम्नलिखित दो केंद्रों पर डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाई थी:
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17 अक्टूबर 2022: लर्निंग स्टेप स्कूल, सोडाला, जयपुर (सामान्य ज्ञान)।
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18 अक्टूबर 2022: राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बेनाड़ रोड, जयपुर (इतिहास)।
कानूनी कार्यवाही और साक्ष्य
आयोग सचिव श्री रामनिवास मेहता ने फरवरी 2025 में ही जयपुर स्थित एसओजी थाने में मामला दर्ज करवाया था। आयोग ने साक्ष्य के रूप में अभ्यर्थी की मूल ओएमआर शीट, उपस्थिति पत्रक और आवेदन पत्र सहित 13 महत्वपूर्ण दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022 के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
विशेषज्ञ विश्लेषण: आंतरिक शुचिता की मिसाल
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि आरपीएससी द्वारा अपने ही कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई करना यह दर्शाता है कि आयोग अब व्यवस्था को पूरी तरह साफ करने के प्रति गंभीर है। इस तरह की सख्त कार्रवाई से भविष्य में डमी कैंडिडेट और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी और मेहनती अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल होगा।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख आधिकारिक प्रेस नोट और पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य पाठकों तक सत्य और सटीक जानकारी पहुँचाना है।
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