नीति आयोग की रिपोर्ट: एकीकृत शिक्षा में राजस्थान देश में अव्वल; भारत का हर तीसरा 1-12 स्कूल प्रदेश में संचालित
NITI Aayog Report 2026: राजस्थान एकीकृत शिक्षा (कक्षा 1-12) में देश में प्रथम स्थान पर। भारत का हर तीसरा 1-12 स्कूल राजस्थान में। जानें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियां।
जयपुर | 12 मई, 2026
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग की ताज़ा रिपोर्ट में राजस्थान को देश का एकमात्र ऐसा राज्य बताया गया है जहाँ प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने का सबसे मजबूत नेटवर्क है।
एकीकृत शिक्षा: राजस्थान के चौंकाने वाले आंकड़े
नीति आयोग ने रेखांकित किया है कि जहाँ पूरे देश में एकीकृत शिक्षा (कक्षा 1 से 12) का ढांचा अभी भी सीमित है, वहीं राजस्थान ने इसमें अभूतपूर्व प्रगति की है:
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देश में हिस्सेदारी: वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कक्षा 1 से 12 तक शिक्षा देने वाले कुल विद्यालयों में अकेले राजस्थान की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत है।
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हर तीसरा स्कूल: इसका अर्थ यह है कि भारत में एकीकृत शिक्षा उपलब्ध करवाने वाला हर तीसरा विद्यालय राजस्थान में स्थित है।
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कुल विद्यालय: प्रदेश में ऐसे 27 हजार 889 विद्यालय संचालित हैं जहाँ विद्यार्थियों को प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की पढ़ाई के लिए स्कूल बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।
ड्रॉप-आउट दर में कमी की उम्मीद
नीति आयोग की रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण बिंदु 'ड्रॉप-आउट' (बीच में पढ़ाई छोड़ना) को लेकर उठाया गया है:
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प्रवेश की जटिलता: रिपोर्ट के अनुसार, जब स्कूल अलग-अलग स्तरों (जैसे केवल प्राथमिक या केवल माध्यमिक) पर विभाजित होते हैं, तो छात्रों को बार-बार प्रवेश प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
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निरंतरता का लाभ: राजस्थान में कक्षा 1 से 12 तक की निरंतर शिक्षा उपलब्ध होने से छात्रों को बार-बार स्कूल नहीं बदलना पड़ता। इससे छात्रों में पढ़ाई के प्रति निरंतरता बनी रहती है और ड्रॉप-आउट की आशंका काफी कम हो जाती है।
शैक्षणिक उपलब्धियों का नया केंद्र
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राजस्थान न केवल आधारभूत ढांचे बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के वातावरण में भी सुधार कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों के निरंतर विस्तार और उन्नयन (Upgradation) के परिणामस्वरूप ही राजस्थान आज राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक संकेतकों में सुधार दर्ज कर रहा है।
निष्कर्ष
नीति आयोग द्वारा राजस्थान के सकारात्मक शैक्षणिक परिदृश्य का उल्लेख करना प्रदेश की शिक्षा नीति की सफलता को दर्शाता है। एकीकृत स्कूलों का यह 'राजस्थान मॉडल' अन्य राज्यों के लिए भी एक रोडमैप साबित हो सकता है ताकि देश भर में शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के जुड़ाव को बेहतर बनाया जा सके।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट नीति आयोग द्वारा जारी ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया’ की नवीनतम रिपोर्ट और राज्य सरकार द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है।
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