कोटा अस्पताल निरीक्षण: लापरवाही पर बरसीं प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़; नर्सिंग कॉलेज को नोटिस और डॉक्टरों को कड़ी चेतावनी

Kota Hospital Inspection 2026: प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जेके लोन और एमबीएस अस्पताल का किया निरीक्षण। लापरवाही पर कार्रवाई और नर्सिंग कॉलेज को नोटिस के निर्देश।

May 12, 2026 - 19:37
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कोटा अस्पताल निरीक्षण: लापरवाही पर बरसीं प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़; नर्सिंग कॉलेज को नोटिस और डॉक्टरों को कड़ी चेतावनी
Kota Hospital News

कोटा/जयपुर | 12 मई, 2026

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को कोटा के जेके लोन और एमबीएस अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। कोटा में हाल ही में हुई प्रसूताओं की मृत्यु की घटनाओं को 'बेहद दुखद' बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उपचार में किसी भी स्तर पर कोताही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और स्क्रीनिंग पर कड़े निर्देश

जेके लोन अस्पताल के लेबर रूम और वार्डों के निरीक्षण के दौरान श्रीमती राठौड़ ने 'प्रिवेंटिव हेल्थकेयर' पर जोर दिया:

  • नियमित स्क्रीनिंग: प्रसूताओं और नवजात शिशुओं की बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर करने के लिए स्क्रीनिंग तंत्र को मजबूत करने को कहा।

  • विशेष निगरानी: हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाले मामलों में डॉक्टरों को निर्देश दिए गए कि वे पोस्ट-ऑपरेटिव प्रोटोकॉल का पालन करें और हर घंटे मरीज की स्थिति की खुद निगरानी करें।

नर्सिंग प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर नाराजगी

निरीक्षण के दौरान एमबीएस कॉलेज में प्रशिक्षणरत नर्सिंग स्टाफ की दक्षता में कमी पाए जाने पर प्रमुख शासन सचिव ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की।

  • प्राइवेट कॉलेज को नोटिस: मूलभूत चिकित्सकीय प्रक्रियाओं की जानकारी न होने पर संबंधित निजी नर्सिंग कॉलेज के विरुद्ध नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।

  • सख्त नियम: अब नर्सिंग स्टाफ को वरिष्ठ डॉक्टरों की सीधी निगरानी में ही काम करना होगा। पूर्ण दक्षता प्राप्त करने से पहले उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाएंगे।

संभागीय बैठक: जवाबदेही होगी तय

कोटा संभाग के चिकित्सा अधिकारियों की बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने सुशासन का संदेश दिया:

  1. ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल: सभी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन हो।

  2. संवेदनशीलता: डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मरीजों और उनके परिजनों के साथ मानवीय और संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत दी गई।

  3. किशोर स्वास्थ्य: सीएमएचओ को किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रमों को केवल उपचार तक सीमित न रखकर 'समग्र विकास' (Holistic Health) पर केंद्रित करने के निर्देश दिए।

उपस्थित अधिकारी

निरीक्षण और बैठक के दौरान कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. नीलेश जैन और जेके लोन अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

निष्कर्ष

प्रमुख शासन सचिव का यह दौरा संकेत देता है कि राज्य सरकार अब अस्पतालों में केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि 'क्वालिटी ऑफ केयर' और 'स्टाफ स्किलिंग' पर भी ध्यान दे रही है। कोटा के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की हर घंटे निगरानी के निर्देश से मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद है।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग राजस्थान द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट और प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ द्वारा कोटा में दी गई समीक्षा बैठक के विवरण पर आधारित है।

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Bhupendra Singh Sonwal Bhupendra Singh Sonwal is a senior journalist and writer, he is also the founder of Mission Ki Awaaz, Bhupendra Singh Sonwal was born on 07 June 1997 in village Kanchroli, located near tehsil Hindaun City of Karauli district of Rajasthan.