मेंटल हेल्थ मंथ: लीजा रे ने साझा किए 'बायपोलर डिसऑर्डर' के पर्दे के पीछे के संघर्ष; कहा—'कहानियां मायने रखती हैं'

Lisa Ray on Bipolar Disorder: लीजा रे ने 'फोर मोर शॉट्स प्लीज!' के अपने किरदार के जरिए बायपोलर डिसऑर्डर और मानसिक स्वास्थ्य पर रखी बेबाक राय। पढ़ें पूरी खबर।

May 13, 2026 - 12:32
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मेंटल हेल्थ मंथ: लीजा रे ने साझा किए 'बायपोलर डिसऑर्डर' के पर्दे के पीछे के संघर्ष; कहा—'कहानियां मायने रखती हैं'
Lisa Ray

मई का महीना दुनिया भर में 'मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह' (Mental Health Awareness Month) के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर अभिनेत्री लीजा रे ने 'फोर मोर शॉट्स प्लीज!' में निभाए गए अपने किरदार समारा कपूर की यात्रा को याद किया। लीजा के अनुसार, समारा का किरदार सिर्फ अभिनय नहीं था, बल्कि उन लाखों लोगों की हकीकत थी जो बायपोलर डिसऑर्डर के साथ जीते हैं।

दिखावा नहीं, 'विजिबिलिटी' (दृश्यता) जरूरी थी

लीजा रे ने इंस्टाग्राम पर सीरीज के कुछ भावुक दृश्य साझा करते हुए लिखा कि मानसिक स्वास्थ्य का संघर्ष कभी सीधा नहीं होता। उन्होंने बताया:

  • भावनात्मक उतार-चढ़ाव: समारा के जरिए उन्होंने बायपोलर डिसऑर्डर के 'हाइज़' (अत्यधिक उत्साह) और 'क्रैश' (गहरा अवसाद) को पर्दे पर जिया।

  • अकेलापन और असुरक्षा: उन्होंने दिखाया कि कैसे एक अनिश्चित दिमाग के साथ जीना अकेलापन पैदा कर सकता है और रिश्तों पर असर डालता है।

  • कलंक मिटाना: लीजा का मानना है कि समारा का किरदार इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि उसने उन समुदायों में भी चर्चा शुरू की जहाँ मानसिक स्वास्थ्य पर बात करना आज भी 'टैबू' (वर्जित) माना जाता है।

मदद मांगना कमजोरी नहीं, ताकत है

अभिनेत्री ने जोर देकर कहा कि मानसिक बीमारी किसी व्यक्ति की योग्यता या उसके प्यार पाने की क्षमता को कम नहीं करती। उन्होंने अपने प्रशंसकों से आग्रह किया:

  • सहानुभूति रखें: अपने आसपास के लोगों का हालचाल पूछें और खुद के प्रति भी दयालु रहें।

  • इलाज और बातचीत: थेरेपी, दवाइयां और ईमानदारी से की गई बातचीत किसी की जान बचा सकती है।

विशेषज्ञ विश्लेषण: सिनेमा और मानसिक स्वास्थ्य

सिनेमा में अक्सर मानसिक रोगों को बढ़ा-चढ़ाकर या गलत तरीके से पेश किया जाता है। 'फोर मोर शॉट्स प्लीज!' की सराहना इसलिए होती है क्योंकि इसमें समारा के संघर्ष को बिना किसी फिल्टर के 'वास्तविक' दिखाया गया। लीजा रे का यह बयान उस समय आया है जब भारत में भी मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसे अभी भी गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बयानों और सोशल मीडिया अपडेट्स पर आधारित है। यदि आप या आपके परिचित मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, तो कृपया पेशेवर मदद लें।

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Bhupendra Singh Sonwal Bhupendra Singh Sonwal is a senior journalist and writer, he is also the founder of Mission Ki Awaaz, Bhupendra Singh Sonwal was born on 07 June 1997 in village Kanchroli, located near tehsil Hindaun City of Karauli district of Rajasthan.