ईंधन संरक्षण की दिशा में राज्यपाल की अनूठी पहल: हरिभाऊ बागडे ने अपने काफिले में की कटौती, आम जन से भी की अपील
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने ईंधन संरक्षण के लिए अपने आधिकारिक काफिले में कटौती की। आम जनता से सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
जयपुर | 14 मई 2026
राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने 'ईंधन संरक्षण' और 'मितव्ययिता' (Frugality) की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर की गई ईंधन बचाने की अपील से प्रेरित होकर, राज्यपाल ने अपने आधिकारिक काफिले (कारकेड) में वाहनों की संख्या को तुरंत प्रभाव से कम करने के निर्देश दिए हैं।
खुद से की शुरुआत: काफिले से हटाई गईं वार्निंग कार और एंबुलेंस
राज्यपाल ने गुरुवार को लोकभवन से एयरपोर्ट जाते समय स्वयं इस पहल की कमान संभाली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए अपने काफिले के साथ चलने वाली वार्निंग कार, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे अतिरिक्त वाहनों के उपयोग को सीमित कर दिया। इस संबंध में उनके कार्यालय द्वारा एक आधिकारिक आदेश भी जारी किया गया है, जिसमें काफिले के दौरान वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
आम जनता और सरकारी तंत्र से आह्वान
राज्यपाल ने न केवल अपने स्तर पर कटौती की है, बल्कि प्रदेश की जनता और सरकारी अधिकारियों से भी इस मुहिम में जुड़ने का आग्रह किया है:
-
सार्वजनिक परिवहन का उपयोग: उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि वे निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) के उपयोग को प्राथमिकता दें।
-
स्वत: प्रेरणा: राज्यपाल ने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल एक नीति नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी होनी चाहिए, जिसे हर नागरिक को 'स्वत: प्रेरणा' से अपनाना चाहिए।
-
सरकारी बचत: उन्होंने विभिन्न सरकारी स्तरों पर भी कम से कम वाहनों का उपयोग करने की सलाह दी है ताकि ईंधन की खपत और अनावश्यक खर्च को कम किया जा सके।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
विशेषज्ञों का मानना है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा इस तरह के कदम उठाने से आम जनता में सकारात्मक संदेश जाता है। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान सड़कों पर होने वाले यातायात व्यवधान में भी कमी आएगी।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट राज्यपाल भवन द्वारा जारी निर्देशों और आधिकारिक प्रेस सूचना पर आधारित है। हमारा उद्देश्य सरकारी पहलों के प्रति जागरूकता फैलाना है। काफिले में सुरक्षा और आपातकालीन प्रोटोकॉल में बदलाव सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा के अधीन होते हैं।
What's Your Reaction?