मैनचेस्टर सिटी ने एफए कप में लिवरपूल को 4-0 से रौंदा: एर्लिंग हालैंड की हैट्रिक और सालाह का टूटा सपना
इंग्लिश फुटबॉल के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक में, मैनचेस्टर सिटी ने शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को एतिहाद स्टेडियम में लिवरपूल को 4-0 से करारी शिकस्त दी। यह एफए कप (FA Cup) का क्वार्टर फाइनल मैच था, लेकिन मैदान पर मैनचेस्टर सिटी का प्रदर्शन इतना एकतरफा और हावी रहा कि लिवरपूल की टीम पूरे 90 मिनट तक बेबस नजर आई। इस शानदार जीत के साथ ही पेप गार्डियोला की टीम ने वेम्बली स्टेडियम में होने वाले सेमीफाइनल के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया है। काराबाओ कप (Carabao Cup) पहले ही जीत चुकी मैनचेस्टर सिटी की निगाहें अब घरेलू कप डबल (Domestic Cup Double) पर मजबूती से टिक गई हैं। यह मैच न केवल सिटी की आक्रामक रणनीति का शानदार उदाहरण था, बल्कि यह लिवरपूल के एक युग के निराशाजनक अंत का भी गवाह बना।
इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक रहे मैनचेस्टर सिटी के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड। नॉर्वे के इस धाकड़ खिलाड़ी ने मैदान पर कदम रखते ही लिवरपूल के डिफेंडरों की नींद उड़ा दी। हालैंड ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए एक बेजोड़ हैट्रिक लगाई, जिसने लिवरपूल की वापसी के सारे रास्ते बंद कर दिए। इस हैट्रिक के साथ ही हालैंड ने इस सीजन में क्लब और देश के लिए अपने 50 मैचों में 46 गोल पूरे कर लिए हैं। यह उनके करियर की 28वीं हैट्रिक थी, जो यह साबित करती है कि गोल करने के मामले में उनका कोई सानी नहीं है। हालैंड की गति, उनकी शारीरिक ताकत और बॉक्स के अंदर उनकी चालाकी का लिवरपूल के पास कोई जवाब नहीं था। सिटी के मिडफील्ड ने भी बेहतरीन तालमेल दिखाया और गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा, जिससे लिवरपूल को आक्रमण करने के मौके ही नहीं मिले।
दूसरी ओर, लिवरपूल के लिए यह रात किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। टीम के सबसे बड़े सितारे और दिग्गज खिलाड़ी मोहम्मद सालाह (Mohamed Salah) के लिए यह मैच बेहद भावुक था। सालाह पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि वे इस सीजन के अंत में एनफील्ड (लिवरपूल का घरेलू मैदान) छोड़ देंगे। ऐसे में यह उनका आखिरी एफए कप सफर था और फैंस को उम्मीद थी कि वे एक ट्रॉफी के साथ विदाई लेंगे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मैच के 65वें मिनट में जब लिवरपूल को पेनल्टी मिली, तो सालाह गोल करने के इरादे से आगे आए। ह्युगो एकिटिके को मथायस नून्स द्वारा बॉक्स में गिराए जाने के बाद यह पेनल्टी मिली थी। सालाह ने अपने बाएं पैर से शॉट मारा, लेकिन मैनचेस्टर सिटी के युवा गोलकीपर जेम्स ट्रैफर्ड (James Trafford) ने सही दिशा का अनुमान लगाते हुए एक शानदार डाइव लगाई और गोल बचा लिया। सालाह द्वारा पेनल्टी मिस करना मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा और इसके बाद लिवरपूल की रही-सही उम्मीद भी टूट गई।
मैच के 77वें मिनट में दोनों टीमों ने बड़े बदलाव किए। एक तरफ जहाँ हैट्रिक हीरो एर्लिंग हालैंड को पूरे स्टेडियम ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट (Standing Ovation) के साथ विदाई दी और उनकी जगह उमर मार्मौश मैदान में आए। वहीं दूसरी तरफ, मोहम्मद सालाह शांति से मैदान से बाहर चले गए और उनकी जगह फेडेरिको चिएसा को उतारा गया। यह दृश्य लिवरपूल के प्रशंसकों के लिए दिल तोड़ने वाला था। जेम्स ट्रैफर्ड ने इसके अलावा भी एलेक्सिस मैक एलिस्टर के एक खतरनाक लॉन्ग-रेंज शॉट को रोककर सिटी के लिए 'क्लीन शीट' सुनिश्चित की। इस 4-0 की हार ने लिवरपूल के ऊपर दबाव और बढ़ा दिया है, जो पहले ही प्रीमियर लीग में संघर्ष कर रही है। वहीं, मैनचेस्टर सिटी ने इस जीत से यह साबित कर दिया है कि वे यूरोप की सबसे खतरनाक टीमों में से एक हैं और एफए कप की सबसे मजबूत दावेदार हैं।
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