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राजस्थान

Child Marriage Prevention: करौली में बाल विवाह के खिलाफ 'संवेदनशीलता मानचित्रण' अभियान; स्वयंसेवकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

करौली के मासलपुर ब्लॉक में बाल विवाह उन्मूलन हेतु एक्शनएड एसोसिएशन ने स्वयंसेवकों को 'Vulnerability Mapping' का प्रशिक्षण दिया। जानें कैसे 30 गांवों में डेटा के जरिए इस कुप्रथा को रोका जाएगा।
द्वारा Deepak Jatav 📅 05 May 2026 👁️ 54 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
Child Marriage Prevention: करौली में बाल विवाह के खिलाफ 'संवेदनशीलता मानचित्रण' अभियान; स्वयंसेवकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

राजस्थान के करौली जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के जड़ से सफाये और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। एक्शनएड एसोसिएशन (ActionAid Association) द्वारा मासलपुर ब्लॉक में बाल विवाह की रोकथाम और उन्मूलन के उद्देश्य से स्वयंसेवकों के लिए एक दिवसीय 'वल्नरेबिलिटी मैपिंग' (संवेदनशीलता मानचित्रण) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सामूहिक प्रयास से मिटेगी कुप्रथा: सिओन किंगोरी

होटल सिद्धि विनायक में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत एक्शनएड एसोसिएशन के स्टेट हेड सिओन किंगोरी के संबोधन से हुई। उन्होंने मासलपुर ब्लॉक की जमीनी स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा:

"बाल विवाह केवल एक कानूनी अपराध नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और लैंगिक असमानताओं से उपजी एक गहरी समस्या है। इसे केवल कानून के डर से नहीं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी और सामूहिक संकल्प से ही समाप्त किया जा सकता है।"

क्या है 'संवेदनशीलता मानचित्रण' (Vulnerability Mapping)?

जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों और परिवारों की पहचान करना है, जहाँ बाल विवाह की संभावना सबसे अधिक होती है।

  • लक्ष्य: समय रहते उचित हस्तक्षेप कर विवाह को रुकवाना।

  • केंद्र बिंदु: विशेष रूप से स्कूल छोड़ चुकी (ड्रॉपआउट) बच्चियों, प्रवासी परिवारों और आर्थिक रूप से कमजोर समूहों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

  • रणनीति: जमीनी स्तर पर डेटा एकत्रित कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना।

30 गांवों के लिए तैयार हुई विशेष कार्ययोजना

प्रशिक्षण के दौरान मासलपुर ब्लॉक के 30 गांवों के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया गया। स्वयंसेवकों को सिखाया गया कि वे कैसे जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान करें और संबंधित सरकारी विभागों के साथ तालमेल बिठाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम में ब्लॉक कंसलटेंट गौरव, देवीशंकर, रामराज गुर्जर और हेमराज माली सहित लगभग 20 स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।


निष्कर्ष

एक्शनएड एसोसिएशन की यह पहल करौली के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। डेटा-आधारित इस दृष्टिकोण से न केवल बाल विवाह रुकेंगे, बल्कि बच्चों के शिक्षा और विकास के मार्ग भी प्रशस्त होंगे।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट स्थानीय स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य सामाजिक जागरूकता फैलाना है। बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098) पर सूचित करें।


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संपादक (Editor)

Deepak Jatav

Deepak Jatav A Journalist And District Bureo Chief Karauli Mission Ki Awaaz

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