7 अप्रैल 2026 का पंचांग (मंगलवार) – पूरा विवरण, शुभ मुहूर्त और राशिफल संकेत
दिन का संक्षिप्त विवरण
7 अप्रैल 2026, मंगलवार का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास, कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को दर्शाता है। यह दिन आध्यात्मिक रूप से संतुलित माना जाता है, हालांकि कुछ समय अशुभ भी रहते हैं जिनमें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
पंचांग विवरण (7 अप्रैल 2026)
- तिथि: कृष्ण पंचमी शाम 4:34 बजे तक, इसके बाद षष्ठी प्रारंभ
- नक्षत्र: ज्येष्ठा नक्षत्र (अगले दिन सुबह 5:53 बजे तक), फिर मूल नक्षत्र
- योग: व्यातिपात योग शाम 4:16 बजे तक, उसके बाद वरीयान योग
- करण: तैतिल और गरिजा
- सूर्य राशि: मीन
- चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्योदय और सूर्यास्त (मुख्य शहर)
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त | चंद्र उदय | चंद्र अस्त |
|---|---|---|---|---|
| दिल्ली | 6:04 AM | 6:42 PM | 5:12 AM | 7:34 PM |
| मुंबई | 6:27 AM | 6:53 PM | 5:39 AM | 7:41 PM |
| कोलकाता | 5:23 AM | 5:53 PM | 4:34 AM | 6:43 PM |
अशुभ समय (राहु काल, गुलिक काल, यमघंट)
- राहु काल:
- दिल्ली: 3:32 PM – 5:07 PM
- मुंबई: 3:46 PM – 5:19 PM
- कोलकाता: 2:45 PM – 4:19 PM
- गुलिक काल:
- दिल्ली: 12:23 PM – 1:58 PM
- मुंबई: 12:40 PM – 2:13 PM
- कोलकाता: 11:38 AM – 1:12 PM
- यमघंट:
- दिल्ली: 9:13 AM – 10:48 AM
- मुंबई: 9:34 AM – 11:07 AM
- कोलकाता: 8:31 AM – 10:04 AM
इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त: 12:04 PM – 12:54 PM
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:40 AM – 5:28 AM
पूजा, ध्यान और नए कार्यों की शुरुआत के लिए ये समय उत्तम माने जाते हैं।
ज्योतिषीय महत्व
इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में होने से भावनाएं गहरी और संवेदनशील रह सकती हैं।
व्यातिपात योग के कारण दिन के शुरुआती भाग में सावधानी जरूरी है, जबकि दोपहर के बाद वरीयान योग में कार्य करना बेहतर माना जाता है।
दैनिक पूजा और उपाय
- सुबह सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करें
- सूर्य नमस्कार और मंत्र जाप करें
- शाम को दीपक जलाकर आरती करें
- अशुभ काल में महत्वपूर्ण कार्य टालें
व्रत और त्योहार
इस दिन कोई प्रमुख हिंदू त्योहार नहीं है, लेकिन नियमित पूजा और साधना के लिए यह दिन उपयुक्त है।
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