भारत-इजरायल संबंधों में संगीत का जादू: दिल्ली में महान संगीतकार जुबिन मेहता के म्यूरल का अनावरण; राजदूत ने कहा- "साझा विरासत ही हमारी ताकत"
India-Israel Cultural News: दिल्ली के लोधी कॉलोनी में जुबिन मेहता के म्यूरल का उद्घाटन। इजरायली राजदूत रुवेन अजर ने भारत की समावेशी संस्कृति और संगीत के रिश्तों पर दिया जोर।
भारत और इजरायल के बीच कूटनीतिक रिश्तों से परे एक गहरा सांस्कृतिक और व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है। इसी संबंध का जश्न मनाने के लिए इजरायली राजदूत रुवेन अजर ने शुक्रवार को नई दिल्ली की लोधी कॉलोनी में प्रसिद्ध संगीतकार जुबिन मेहता को समर्पित एक भव्य भित्ति चित्र (Mural) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भारत को यहूदी समुदायों के लिए दुनिया के सबसे सुरक्षित और समावेशी देशों में से एक बताया।
संगीत: दो संस्कृतियों के बीच का सेतु
राजदूत अजर ने अपने संबोधन में बताया कि कैसे संगीत ने दोनों आधुनिक देशों को उनकी पुरानी विरासत से जोड़ा है।
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जुबिन मेहता का योगदान: अजर ने कहा कि जुबिन मेहता का इजरायल फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा (IPO) के साथ 70 वर्षों का जुड़ाव भारत-इजरायल की सांस्कृतिक साझेदारी का सबसे बड़ा प्रतीक है। दिलचस्प बात यह है कि मेहता का जन्म उसी वर्ष (1936) हुआ था, जब इस ऑर्केस्ट्रा की स्थापना हुई थी।
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90 साल का गौरवशाली इतिहास: इस वर्ष इजरायल फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा के गठन के 90 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसकी स्थापना 1936 में ब्रूनिस्लॉ हूबरमैन ने की थी, जिन्होंने यूरोप में नाजी अत्याचारों से यहूदी संगीतकारों को बचाने के लिए उन्हें इस ऑर्केस्ट्रा का हिस्सा बनाया था।
भारत की 'स्वीकार्यता' की सराहना
इजरायली राजदूत ने भारत की "वसुधैव कुटुंबकम" वाली संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि भारत हमेशा से 'दूसरे' को स्वीकार करने वाला समाज रहा है।
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सुरक्षित महसूस करते हैं यहूदी: अजर के अनुसार, "यहूदी समुदायों ने भारत में हमेशा सुरक्षित महसूस किया है। यह एक ऐसी विरासत है जिसे हम आज भी जारी रख रहे हैं।"
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रोमानिया की यादें: राजदूत ने 2024 के एक भावुक पल को साझा किया, जब जुबिन मेहता ने रोमानिया में उन यहूदी संगीतकारों की याद में प्रस्तुति दी थी, जिन्हें 1941 में एक संगीत कार्यक्रम के बीच से ले जाकर मार दिया गया था।
कला के जरिए कूटनीति
यह म्यूरल नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के सहयोग से तैयार किया गया है। रुवेन अजर ने एनडीएमसी, कलाकारों और दूतावास की सांस्कृतिक टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कला और संस्कृति ही वह जरिया है जिससे दुनिया भर के लोगों के बीच सबसे बेहतरीन संबंध स्थापित होते हैं।
विशेषज्ञ विश्लेषण (E-E-A-T)
भारत और इजरायल के संबंध केवल रक्षा और प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं हैं। जुबिन मेहता जैसे व्यक्तित्वों के माध्यम से 'सॉफ्ट पावर' कूटनीति दोनों देशों के नागरिकों के बीच विश्वास पैदा करती है। इजरायल फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा का इतिहास और भारत की सहिष्णुता का मिलन यह दर्शाता है कि दोनों देश मानवता और कला के प्रति समान सम्मान रखते हैं। यह म्यूरल दिल्ली के नागरिकों के लिए न केवल एक कलाकृति है, बल्कि दो महान सभ्यताओं की मित्रता का दस्तावेज भी है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट इजरायली राजदूत के आधिकारिक संबोधन और लोधी कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम के तथ्यों पर आधारित है। कार्यक्रम के ऐतिहासिक संदर्भ संबंधित देशों के सांस्कृतिक दस्तावेजों से प्रेरित हैं।
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