ईरान ने दूसरे अमेरिकी F‑35 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, और अब ईरान ने दावा किया है कि उसने दूसरा अमेरिकी F‑35 फाइटर जेट मार गिराया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले को सफल बताया और कहा कि उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों ने विमान को निशाना बनाया, जिससे वह नियंत्रित तरीके से नहीं बच पाया। ईरान ने यह भी बताया कि विमान के पायलट के जीवित रहने की संभावना बेहद कम है।
ईरानी मीडिया में विमान के मलबे की तस्वीरें सामने आई हैं, जो कथित तौर पर हमले की पुष्टि करती हैं। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के दावे अक्सर तनावपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक संदेश देने के लिए किए जाते हैं, और उनकी वास्तविकता की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
Spokesman of Iran's Khatam al-Anbiya Headquarters:
???? A second US fifth-generation F-35 was struck and downed over central Iran.
???? Given the massive explosion on impact and during the crash, the pilot is unlikely to have ejected. pic.twitter.com/8TX4jsbebw — Mehr News Agency (@MehrnewsCom) April 3, 2026
इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति को और जटिल बना दिया है। इससे पहले ईरान ने इजराइल और कुछ खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले करने की भी जानकारी दी थी। सैन्य विश्लेषक मानते हैं कि यदि यह दावा सत्य साबित होता है, तो यह F‑35 जैसे अत्याधुनिक और महंगे विमान को नुकसान पहुँचाने की एक बड़ी घटना होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसके पीछे मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन और रणनीतिक संदेश भी छिपा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना के प्रभाव को देखते हुए कई देशों की सुरक्षा और विदेश नीति पर भी इसका असर पड़ सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच इस तरह की तनावपूर्ण स्थिति ने पिछले महीनों में कई बार दुनिया का ध्यान खींचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ने की स्थिति में अन्य देशों को भी इस पर कड़ी नजर रखनी होगी।
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