कृषि विश्वविद्यालय, कोटा का 9वां दीक्षांत समारोह: "नौकरी खोजने वाले नहीं, देने वाले बनें युवा" — राज्यपाल हरिभाऊ बागडे

AU Kota 9th Convocation: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कृषि विश्वविद्यालय कोटा के दीक्षांत समारोह में युवाओं को एग्री-स्टार्टअप्स और ड्रोन तकनीक से आत्मनिर्भर बनने का मंत्र दिया।

May 13, 2026 - 17:43
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कृषि विश्वविद्यालय, कोटा का 9वां दीक्षांत समारोह: "नौकरी खोजने वाले नहीं, देने वाले बनें युवा" — राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
Agriculture University Kota

कोटा/जयपुर | शिक्षा एवं कृषि डेस्क

राजस्थान के राज्यपाल और कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कृषि शिक्षा को भारतीय अर्थव्यवस्था की असली ताकत बताया। जयपुर के राज्य कृषि प्रबंध संस्थान (SIAM) ऑडिटोरियम में आयोजित इस भव्य समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कृषि शिक्षा: आत्मनिर्भर भारत का आधार

राज्यपाल ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि भारत की अधिकांश आबादी आज भी आजीविका के लिए खेती और पशुपालन पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि:

  • खाद्य सुरक्षा और उत्पादकता: कृषि शिक्षा के माध्यम से ही खेतों में पैदावार बढ़ाई जा सकती है और देश को खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

  • तकनीकी ज्ञान का विस्तार: किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और सही विपणन (Marketing) की जानकारी देना समय की मांग है।

  • वैज्ञानिक समाधान: विश्वविद्यालयों को ऐसे केंद्रों के रूप में विकसित होना चाहिए जहां किसानों को सरल और सुलभ वैज्ञानिक समाधान मिल सकें।

डिजिटल क्रांति और स्टार्टअप्स के अवसर

विकसित भारत के दृष्टिकोण को साझा करते हुए श्री बागडे ने कहा कि आधुनिक खेती अब केवल पारंपरिक हल-बैल तक सीमित नहीं है। अब समय है:

  1. नई तकनीक: ड्रोन, एआई (AI), डेटा एनालिटिक्स और मोबाइल ऐप्स का कृषि में उपयोग बढ़ाने का।

  2. उद्यमिता: एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग, जैविक खेती और मूल्य संवर्धन (Value Addition) में स्टार्टअप्स के माध्यम से रोजगार सृजित करने का।

  3. आत्मनिर्भरता: युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि 'जॉब क्रिएटर' (नौकरी देने वाला) बनना चाहिए।

बुनियादी ढांचे का विस्तार और नवाचार

समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की कई नई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया:

  • शिलान्यास: खरपतवार नियंत्रण प्रयोगशाला (कोटा) और बीज प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला।

  • लोकार्पण: बीज विधायन संयंत्र (Seed Processing Plant) और कृषि महाविद्यालय उम्मेदगंज का नया अकादमिक भवन।

  • साहित्य: 'कैनोपी मैनेजमेंट ऑफ फ्रूट क्रॉप' और 'सोयाबीन के जादुई फायदे' जैसी शोध आधारित पुस्तकों का विमोचन किया गया।

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का संदेश

कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने डिग्री प्राप्त छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि ज्ञान का असली उद्देश्य समाज और राष्ट्र की सेवा है। उन्होंने प्रदेश में सिंचाई की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए युवाओं से जल संरक्षण और सिंचित क्षेत्र बढ़ाने में योगदान देने का आह्वान किया।

समारोह के मुख्य आंकड़े:

  • कुल उपाधियां: 358 (कृषि, उद्यानिकी एवं वानिकी संकाय)।

  • स्वर्ण पदक (Gold Medals): कुल 14 पदक, जिनमें स्नातक और स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों सहित कुलगुरु और कुलाधिपति पदक शामिल हैं।

विशेषज्ञ विश्लेषण: क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

विशेषज्ञों के अनुसार, कृषि विश्वविद्यालयों का समाज के साथ सीधा जुड़ाव ग्रामीण विकास की गति को तेज करता है। कोटा विश्वविद्यालय द्वारा उन्नत बीजों और खरपतवार नियंत्रण पर किया जा रहा शोध राजस्थान के किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। डिजिटल प्लेटफॉर्म का समावेश भविष्य की खेती को अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनाएगा।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख आधिकारिक सरकारी बयानों और दीक्षांत समारोह के प्रेस अपडेट्स पर आधारित है। इसका उद्देश्य सूचनात्मक जानकारी प्रदान करना है। कृषि संबंधी परामर्श के लिए विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों या निकटतम कृषि केंद्र से संपर्क करें।

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Bhupendra Singh Sonwal Bhupendra Singh Sonwal is a senior journalist and writer, he is also the founder of Mission Ki Awaaz, Bhupendra Singh Sonwal was born on 07 June 1997 in village Kanchroli, located near tehsil Hindaun City of Karauli district of Rajasthan.