तमिलनाडु में सरकार गठन का संकट टला: विजय की TVK को कैसे मिला VCK और IUML का साथ?
तमिलनाडु 2026 चुनाव अपडेट: विजय की TVK ने कांग्रेस, लेफ्ट, VCK और IUML के समर्थन से बहुमत हासिल किया। जानें राष्ट्रपति शासन टालने के लिए कैसे बना यह नया राजनीतिक समीकरण।
तमिलनाडु की राजनीति में पिछले पाँच दिनों से जारी अनिश्चितता के बादल अब छँटते नजर आ रहे हैं। 4 मई 2026 को घोषित विधानसभा चुनाव परिणामों में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी, तमिलगा वेट्टरी कड़गम (TVK), 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालाँकि, 234 सदस्यीय सदन में बहुमत के आंकड़े (118) से दूर होने के कारण राज्य में 'हंग असेंबली' की स्थिति पैदा हो गई थी।
अब जो ताज़ा अपडेट सामने आ रहे हैं, उसके अनुसार विजय को गठबंधन का आवश्यक समर्थन मिल गया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि यह समर्थन अटूट विश्वास के बजाय 'रणनीतिक मजबूरी' का परिणाम अधिक नजर आता है।
राष्ट्रपति शासन का डर और समय सीमा
तमिलनाडु के क्षेत्रीय दलों के विजय के साथ आने का सबसे बड़ा कारण अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) का डर रहा। पिछली विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है। यदि तब तक कोई सरकार शपथ नहीं लेती, तो केंद्र सरकार के पास राज्य का नियंत्रण सीधे नई दिल्ली के हाथों में सौंपने का संवैधानिक अधिकार होता। तमिलनाडु की क्षेत्रीय स्वायत्तता की परंपरा को देखते हुए, अधिकांश दल केंद्र के सीधे हस्तक्षेप के खिलाफ थे।
कांग्रेस और लेफ्ट का बड़ा कदम
राजनीतिक बिसात पर पहली बड़ी चाल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने चली। अपने 5 विधायकों के साथ कांग्रेस ने DMK के साथ अपना पुराना गठबंधन तोड़कर TVK को 'शर्तों के साथ' समर्थन दिया। कांग्रेस की मुख्य शर्त यह रही कि विजय का गठबंधन किसी भी ऐसी सांप्रदायिक ताकत (इशारा बीजेपी की ओर) को साथ नहीं लेगा जो संविधान में विश्वास नहीं रखती।
इसके बाद, 8 मई को CPI और CPI(M) ने भी अपनी 2-2 सीटों के साथ TVK को समर्थन देने की घोषणा की। वामपंथी दलों का तर्क था कि वे लोकतंत्र की रक्षा और बीजेपी के 'पिछले दरवाजे' से प्रवेश को रोकने के लिए TVK के साथ खड़े हैं। इन समर्थन घोषणाओं के बाद विजय का आंकड़ा 116 तक पहुँच गया।
VCK और IUML: समर्थन की अनोखी राजनीति
VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन का रुख इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चर्चा में रहा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका समर्थन केवल राष्ट्रपति शासन को रोकने के लिए है। उन्होंने कहा, "हमें विजय का समर्थन करना पड़ा ताकि राष्ट्रपति शासन से बचा जा सके। इसके पीछे कोई अन्य राजनीतिक औचित्य नहीं है।"
वहीं, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने एक अभूतपूर्व स्टैंड लिया। पार्टी ने घोषणा की कि वे DMK गठबंधन का हिस्सा बने रहेंगे, लेकिन सरकार बनाने के लिए TVK को अपनी 2 सीटों का समर्थन देंगे। इन दो सीटों के साथ TVK गठबंधन का कुल आंकड़ा 120 पहुँच गया है, जो बहुमत के जादुई आंकड़े से दो अधिक है।
निष्कर्ष
विजय के नेतृत्व वाली TVK के लिए यह एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि है, लेकिन चुनौतियों का अंत यहीं नहीं होता। एक ऐसे गठबंधन को चलाना जहाँ सहयोगी दल भरोसे के बजाय डर और मजबूरी के कारण साथ आए हों, विजय की राजनीतिक कुशलता की असली परीक्षा होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसमें दिए गए तथ्य और राजनीतिक घटनाक्रम हालिया मीडिया रिपोर्ट्स और विश्लेषण पर आधारित हैं। तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति और संवैधानिक प्रक्रियाओं के बारे में आधिकारिक जानकारी के लिए चुनाव आयोग या राज्य सरकार के पोर्टल्स का संदर्भ लें। हम किसी भी राजनीतिक दल के प्रति पूर्वाग्रह नहीं रखते हैं।
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