आज का पंचांग: 11 मई 2026, सोमवार; ज्येष्ठ कृष्ण नवमी पर जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष योग
आज 11 मई 2026 का विस्तृत हिंदू पंचांग। जानें ज्येष्ठ कृष्ण नवमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र, राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का सटीक समय। दिल्ली और उत्तर भारत के अनुसार ज्योतिषीय गणना।
नई दिल्ली/ज्योतिष डेस्क: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति का आंकलन करना भारतीय परंपरा का अभिन्न अंग रहा है। आज यानी 11 मई 2026, सोमवार का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। वर्तमान में ज्येष्ठ मास का कृष्ण पक्ष चल रहा है और आज नवमी तिथि का प्रभाव रहेगा। सोमवार का दिन होने के कारण यह समय भगवान शिव की उपासना और मानसिक शांति के लिए उत्तम माना जाता है।
आइए जानते हैं आज के पंचांग के प्रमुख तत्व, शुभ समय और वे कालखंड जिनमें सावधानी बरतनी आवश्यक है।
11 मई 2026 के मुख्य पंचांग तत्व (दिल्ली के समयानुसार)
भारतीय ज्योतिष पद्धति के अनुसार, पंचांग के पांच अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—दिन की ऊर्जा को निर्धारित करते हैं। आज की स्थिति इस प्रकार है:
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तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि दोपहर 03:24 बजे तक रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि का आरंभ होगा।
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नक्षत्र: शतभिषा नक्षत्र रात 01:28 बजे (12 मई की सुबह) तक प्रभावी रहेगा, इसके पश्चात पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र शुरू होगा।
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योग: इन्द्र योग रात 01:04 बजे तक है, इसके बाद वैधृति योग लगेगा।
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करण: प्रथम करण गर दोपहर 03:24 बजे तक, फिर वणिज करण लगेगा।
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वार: सोमवार (स्वामी: चंद्र देव, आराध्य: भगवान शिव)।
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चंद्र राशि: चंद्रमा आज पूरे दिन कुंभ राशि में संचार करेंगे।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
पंचांग में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति स्थान के अनुसार बदलती रहती है। दिल्ली के लिए अनुमानित समय:
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सूर्योदय: सुबह 05:33 बजे
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सूर्यास्त: शाम 07:02 बजे
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चंद्रोदय: रात 01:46 बजे (12 मई)
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चंद्रास्त: दोपहर 01:18 बजे
शुभ मुहूर्त: जब करें मांगलिक कार्य
यदि आप किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत, निवेश या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन समयों का चयन करना श्रेयस्कर रहता है:
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अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तक (दिन का सबसे शुभ समय)।
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:09 से 04:51 तक (ध्यान और अध्ययन के लिए श्रेष्ठ)।
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अमृत काल: शाम 06:05 से 07:43 तक।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:33 से 03:27 तक।
अशुभ काल: जब बरतें सावधानी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ समय खंडों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है:
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राहुकाल: सुबह 07:14 बजे से 08:55 बजे तक। इस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचें।
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यमगंड: सुबह 10:37 से दोपहर 12:18 तक।
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गुलिक काल: दोपहर 01:59 से 03:40 तक।
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पंचक: आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा, अतः दक्षिण दिशा की यात्रा और कुछ विशिष्ट कार्यों में सावधानी रखें।
आज की ज्योतिषीय सलाह और महत्व
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शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव: राहु के स्वामित्व वाला यह नक्षत्र '100 चिकित्सकों' का प्रतीक माना जाता है। आज के दिन औषधियों का सेवन शुरू करना या स्वास्थ्य संबंधी परामर्श लेना लाभदायक हो सकता है।
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सोमवार का उपाय: सोमवार को चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में होने से मानसिक चंचलता रह सकती है। भगवान शिव का जलाभिषेक करना और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना मानसिक स्पष्टता प्रदान करेगा।
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नवमी तिथि: इस तिथि को कार्यों के समापन और नई योजनाओं के गहन चिंतन के लिए उपयुक्त माना जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह पंचांग विभिन्न गणनाओं और ज्योतिषीय सॉफ्टवेयरों पर आधारित है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में स्थान के अनुसार (जैसे मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु) 10 से 30 मिनट का अंतर हो सकता है। किसी भी बड़े धार्मिक अनुष्ठान या व्यक्तिगत निर्णय के लिए अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषी से अपनी जन्मकुंडली और स्थान के अनुसार परामर्श अवश्य लें। यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है।
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