आबकारी विभाग का 'सर्जिकल स्ट्राइक': उदयपुर और हनुमानगढ़ में 1.25 करोड़ की अवैध शराब जब्त, गुजरात जा रही थी खेप
Rajasthan Excise Department Seizes Illicit Liquor: आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में उदयपुर और हनुमानगढ़ में 1.25 करोड़ की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त। तस्करों ने ट्रकों में बनाए थे गुप्त केबिन।
जयपुर/उदयपुर | समाचार डेस्क
राजस्थान में अवैध शराब के निर्माण और तस्करी पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए आबकारी विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग ने दो अलग-अलग जिलों में ट्रकों में छिपाकर ले जाई जा रही चंडीगढ़ और पंजाब निर्मित शराब की खेप को पकड़ा है।
1. हनुमानगढ़: अरंडी के छिलकों के नीचे छिपा था 90 लाख का 'स्टॉक'
हनुमानगढ़ के संगरिया क्षेत्र में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर ईपीएफ (EPF) टीम ने एक 12 चक्का ट्रक को रुकवाया। तलाशी लेने पर ऊपर अरंडी के छिलकों की बोरियां भरी थीं, लेकिन उनके नीचे पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब के 1070 कार्टन छिपाए गए थे।
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बरामदगी: कुल 12,840 बोतलें (रॉयल चैलेंज, रॉयल स्टैग और ऑल सीजन व्हिस्की)।
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गिरफ्तारी: ट्रक चालक मंगलाराम बिश्नोई को मौके पर गिरफ्तार किया गया।
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रूट: यह शराब पंजाब से राजस्थान के रास्ते गुजरात ले जाई जा रही थी।
2. उदयपुर: ट्रक के 'गुप्त केबिन' से निकली 35 लाख की शराब
उदयपुर के खेरवाड़ा क्षेत्र में खांडी ओबरी टोल नाके पर एक कंटेनर ट्रक की तलाशी ली गई। तस्करों ने शराब छिपाने के लिए व्हील कैप की आड़ में एक गुप्त केबिन बना रखा था।
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पहली कार्यवाही: 330 कार्टन चंडीगढ़ निर्मित शराब बरामद (कीमत लगभग 30 लाख रुपये)। पोरबंदर (गुजरात) निवासी ट्रक चालक मसरी कोडीयातार को गिरफ्तार किया गया।
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दूसरी कार्यवाही: ईपीएफ थाना क्षेत्र खेरवाड़ा में एक अन्य ट्रक से 5 लाख रुपये की शराब जब्त की गई।
आबकारी आयुक्त का सख्त रुख: 'जीरो टॉलरेंस'
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी, निर्माण या बिक्री पर कोई ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि तस्करी पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
राजस्व को सुरक्षा: अन्य राज्यों की शराब तस्करी से विभाग को भारी राजस्व हानि होती है। इन कार्यवाहियों से न केवल तस्करों के नेटवर्क पर चोट पहुंची है, बल्कि सरकारी राजस्व की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है।
कार्यवाही करने वाली टीम:
इस सफल अभियान में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत, उपायुक्त ईपीएफ प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत, उपायुक्त पोमाराम रोहिण और जिला आबकारी अधिकारी आदराम दहिया सहित स्थानीय आबकारी निरीक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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